कसया। सोमवार शाम तेज हवा-बारिश के बाद सोहसा मठिया बिजली उपकेंद्र से जुड़े चार दर्जन गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। मंगलवार शाम पांच बजे तक करीब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। कर्मचारी रात से ही फाल्ट खोजने में जुटे रहे लेकिन गड़बड़ी का पता नहीं चल सका। उपकेंद्र पर मेजरिंग मशीन नहीं होने से फाल्ट खोजने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोहसा मठिया उपकेंद्र से सोहसा मठिया, नैकाछपरा, नरकटिया, महुई बुजुर्ग, कुरमौटा, सिकरिया, दुबौली, लौगरापुर, भरवलिया और बनकटा सहित करीब 50 गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। सोमवार शाम हवा और बारिश के बाद मेन लाइन में फाल्ट हो गया। इसके बाद से ही गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। विभागीय कर्मचारी रात से ही पेट्रोलिंग कर फाल्ट खोज रहे हैं, लेकिन मंगलवार शाम तक सफलता नहीं मिली।
लंबे समय से बिजली नहीं आने के कारण घरों में लगे इनवर्टर और बैटरी भी जवाब दे गए। मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो सके और घरों में लगी पानी की टंकियां भी खाली हो गईं। उमस भरी गर्मी के बीच रात में बिजली नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। उपभोक्ता रात और दिन में जगह-जगह मोबाइल फोन से एक-दूसरे और विभागीय अधिकारियों से बिजली आपूर्ति बहाल होने की जानकारी लेते रहे।
उपभोक्ता मंटू राव, महंथ यादव, ब्रजेश सिंह, राजेश राव, आशुतोष मिश्र उर्फ गुड्डू बाबा, कमलेश चौधरी, इस्तयाक अहमद, विवेकानंद दुबे, बबलू मल्ल, विपिन पटेल, घनश्याम मधेशिया, शशिकांत ओझा, अखिलेश ओझा, रविशंकर पांडेय और पियूष मिश्र ने बताया कि 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। उमस भरी गर्मी में रात गुजारना मुश्किल हो गया। इनवर्टर और बैटरी भी बंद हो चुके हैं। इस संबंध में जेई विजय सिंह ने बताया कि मेन लाइन में फाल्ट की तलाश की जा रही है। फाल्ट अभी नहीं मिल पाया है। फाल्ट का पता चलते ही उसे ठीक कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।