विद्यार्थियों को थानों का भ्रमण कराएगी पुलिस
पडरौना। जिले के विद्यालयों के इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थी पुलिस की मौजूदगी में क्षेत्र के थाने का भ्रमण करेंगे। वे न केवल थाने में जाएंगे, बल्कि पुलिस उन्हें फरियादियों की शिकायतें सुनने, एफआईआर दर्ज करने से लेकर थाने में प्रत्येक गतिविधि के बारे में छात्रों को जानकारी देगी। इस नई व्यवस्था को शुरू करने का उद्देश्य छात्रों के मन में पुलिस को लेकर बैठे डर को दूर भगाने के साथ-साथ उनमें बचपन से ही पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच जागृत करना है।
इस तरह पेट्रोलियम, बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां अपने ग्राहकों की पहचान और उनके पते को सत्यापित करने के लिए केवाईसी (नो योर कस्टमर) के जरिए सूचनाएं एकत्र करती है, उसी तरह पुलिस प्रशासन कुशीनगर जिले में केवाईपी यानि ‘नो योर पुलिस’ कार्यक्रम चलाएगी। प्रत्येक थाने की पुलिस अपने क्षेत्र के इंटरमीडिएट तक के विद्यालयों के नियंताओं से संपर्क करेगी तथा एक निर्धारित संख्या में छात्र-छात्राओं को थाने का भ्रमण कराएगी।
पुलिस थाने पर फरियाद सुनने, फरियादियों की एफआईआर दर्ज करने और शिकायतों के निस्तारण से लेकर फाइलों के रख-रखाव की जानकारी देगी। दुर्घटना या अन्य कोई बड़ी घटना की सूचना वायरलेस सेट पर मिलते ही पुलिस कैसे उस पर एक्शन लेती है, यह भी विद्यार्थी देख सकेंगे। पुलिस किन चुनौतियों के बीच दायित्वों का निर्वहन करती है, यह भी जान पाएंगे।
पुलिस का भय दूर करने की कवायद
एसपी राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि केवाईसी की तर्ज पर इस जिले में पुलिस प्रशासन की ओर से केवाईपी व्यवस्था शुरू होने जा रही है। बच्चों के जेहन से पुलिस का डर दूर कर उनके मन में पुलिस मित्र की छवि बनाने के लिए इंटरमीडिएट तक के छात्र-छात्राओं को उनके नजदीकी थाने के भ्रमण कराया जाएगा। उन्हें थाने में फरियाद सुनने, एफआईआर दर्ज करने, व्यवस्थित ढंग से फाइलों के रख-रखाव और बड़ी घटनाओं की सूचना वायरलेस सेट पर बजते ही पुलिस की सक्रियता आदि के बारे में बताया जाएगा, ताकि पुलिस को लेकर उनके मन में बनीं भ्रांतियां दूर हो जाएं। इस बाबत थानेदारों को निर्देश दे दिए गए हैं। अगस्त से यह व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।