हाटा। शिल्पकार (कुम्हार) जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को तहसील परिसर में अनशन शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने रोक लगा दी। समर्थकों के साथ पहुंचे प्रजापति धर्मेंद्र भाई शिल्पकार को पुलिस ने हिरासत में लेकर तहसील परिसर से बाहर कर दिया। कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
अखिल भारतीय शिल्पकार (कुम्हार) प्रजापति महासंघ कुशीनगर के बैनर तले आयोजित प्रस्तावित अनशन में हाटा तहसील क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रजापति समाज एवं शिल्पकार (कुम्हार) समाज के लोग पहुंचे थे। संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि उनकी प्रमुख मांग शिल्पकार (कुम्हार) समाज के पात्र लोगों को अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र हाटा तहसील में जारी किया जाना है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। प्रजापति धर्मेंद्र भाई शिल्पकार ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से अनशन करने की अनुमति नहीं दी गई और पुलिस द्वारा जबरन हटाया गया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो बुधवार 29 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष भी आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में ओमकार प्रजापति, सुनील प्रजापति, तुलसी प्रजापति, हरि गोविंद प्रजापति, सरोज देवी, गाना देवी, वृंदा देवी, प्रभावती देवी, रामसवारी देवी, सुरेश प्रजापति, दिलीप प्रजापति, राम लक्ष्मण प्रजापति, रामायण प्रजापति, सत्यानंद प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत तहसील परिसर में अनशन की अनुमति नहीं दी गई थी।