पडरौना। हाईपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) अब युवाओं को भी चपेट में ले रहा है। कॅरिअर की अनिश्चितता, पारिवारिक तनाव और बदलती जीवनशैली के कारण युवा मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। हर रोज सात से दस युवकों में हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत मिल रही है।
डाॅक्टर का कहना है कि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो आगे चलकर हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक और किडनी संबंधी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग डॉ. तुषार तिवारी ने बताया कि एक जुलाई से लेकर 28 जुलाई तक करीब 256 युवा हाई ब्लड प्रेशर वाले आए हैं। सिर में दर्द के अलावा रात को पर्याप्त नींद नहीं लगना इनकी समस्या रही। जांच में पता चला कि हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है, बाकी कोई समस्या नहीं है। 25 से 40 वर्ष के युवक इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। डाॅक्टर ने बताया कि पहले इस उम्र के हाईपरटेंशन के मरीज कम आते थे। अब ओपीडी में प्रतिदिन सात से दस युवा मरीज पहुंच रहे हैं।
कॅरिअर की चिंता, पारिवारिक तनाव के साथ-साथ देर रात तक जागना, मोबाइल और लैपटॉप का अधिक उपयोग, शारीरिक गतिविधि की कमी, जंक फूड का बढ़ता सेवन, धूम्रपान, नशा और मानसिक तनाव रक्तचाप बढ़ाने के प्रमुख कारण बन रहे हैं। कई युवाओं में बीमारी के शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखाई देते, जिससे समय पर जांच नहीं हो पाती।