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Kushinagar News: अपराध पर लगाम के लिए हाईवे पर पुलिस का सख्त पहरा

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एसपी ने किया चेक पोस्ट का निरीक्षण।
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पडरौना। रामकोला और कप्तानगंज क्षेत्र के बैरियर पर बुधवार की आधी रात एसपी पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात जिम्मेदारों को कार्य में शिथिलता बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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कप्तानगंज क्षेत्र की सीमा गोरखपुर से जुड़ती है और पूर्व में यहां से रामकोला के रास्ते होते हुए बिहार पश्चिम चंपारण में पशु और शराब तस्कर सक्रिय रहे हैं। ऐसे में एसपी केशव कुमार रामकोला और कप्तानगंज में औचक निरीरक्षण पर पहुंचे। औपचारिक अभिवादन के बजाय उनका पहला सवाल था कि इतनी रात ये गाड़ियां कहां से आ रही हैं और इतनी आसानी से जा कहां रही हैं?
इसके डाटा कहां है? रजिस्टर दिखाओ...एसपी के पहुंचते ही बैरियर से गुजर रहे वाहन को रोका गया, कागजात जांचे गए, संदिग्धों से पूछताछ हुई। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को एसपी ने साफ कहा कि कुशीनगर की सीमा ही अपराधियों का सबसे बड़ा एंट्री गेट रही है। अब यही गेट बंद किया जाएगा। सीधे तौर पर अब पुलिस गांव स्तर पर बैठक कर लोगों से सामंजस्य बना रही है तो थानों पर दलालों की दखलंदाजी कम रहे और पुलिसकर्मियों में सक्रियता रहे इसके लिए सीओ रात को जांच कर रहे हैं।
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कुशीनगर का एक बड़ा भूभाग बिहार के दो जिलों गोपालगंज और पश्चिम चंपारण से जुड़ा हुआ है। जहां गंडक नदी, कच्चे रास्ते, खेतों के बीच से निकली पगडंडियां और बॉर्डर सड़कें मिलकर एक ऐसा नेटवर्क बनाती हैं, जिसे अपराधी सालों से इस्तेमाल करते आए हैं। बिहार में शराब बंदी और यूपी में बंद हुए बूचड़खानों और तस्करी के कारण भी सीमाएं अपराधिक कृत्यों के लिए मजबूत होती चली गई। दिन में जिले के ग्रामीण सड़कों से लेकर मुख्य जिला मार्ग जैसे रास्ते साधारण दिखते हैं लेकिन रात में यही रास्ते अपराध की हाईवे बन जाते हैं। कम सख्ती, कम रोशनी, खुली सीमाएं और तेज आवाजाही यही वह माध्यम है जिसमें तस्करी, अवैध शराब, वसूली गैंग के गुर्गे अपने मंसूबे में कामयाब होते हुए बिना पकड़े गए सीमा पार कर जाते हैं।कुछ दिन पूर्व इसी रास्ते घुसते हुए कुशीनगर के साथ गोपालगंज और पूर्वांचल के तस्करों ने पिपराइच क्षेत्र में उत्पात मचाया था और एक युवक की हत्या भी कर दी थी। जिसके बाद पुलिस कप्तान को बदला गया और एसपी केशव कुमार ने तो जैसे रात में बैरियर स्थापित करने के साथ उसके स्थलीय जांच को पुलिस के रूटीन का हिस्सा बना दिया। इसीक्रम में वह रामकोला और कप्तानगंज क्षेत्र में पहुंच गए जहां से अपराध कुशीनगर में प्रवेश करता है। एसपी ने ड्यूटी रजिस्टर, रोके गए वाहनों की संख्या और संदिग्धों की चेकिंग प्रक्रिया सब कुछ खुद देखा। उन्होंने साफ कहा कि रात की ड्यूटी अगर ढीली रही, तो यही रास्ते सुबह गांवों में अपराध पहुंचा देंगे और हमारे गांव-गांव विलेज पेट्रोलिंग और बैठकों का कोई असर नहीं रहेगा। ऐसे में सीमा से लेकर गांव तक की सुरक्षा एक साथ करनी है। लगातार बैरियर पर सख्ती को केवल एक चेकिंग नहीं, बल्कि सीमावर्ती अपराध की सप्लाई लाइन पर प्रहार माना जा रहा है जबकि गांवों में भी सुरक्षा बढ़ी है।
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