रामकोला। साइबर ठगी के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को साइबर क्राइम सेल की टीम ने रामकोला कस्बे और देहात क्षेत्र के विभिन्न बैंकों में पहुंचकर साइबर ठगी के लिए खोले गए खातों और उनमें हुए लेनदेन की जानकारी जुटाई। टीम ने बैंक अधिकारियों से जरूरी दस्तावेज और खातों से संबंधित साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस की अब तक की जांच में आरोपियों के खिलाफ देशभर में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 122 शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है। करीब 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से भी इनके तार जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं।
साइबर ठगी का नेटवर्क खड़ा करने का आरोपित रामकोला कस्बा निवासी श्याम कुमार केडिया अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसका सहयोगी कुसम्हा के सूरजपट्टी निवासी विश्वजीत सिंह भी फरार है। दोनों नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस उनके घरों के साथ ही परिचितों और संभावित ठिकानों पर निगरानी रख रही है। बताया जा रहा है कि श्याम कुमार केडिया पर साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। उसके इशारे पर गिरोह के अन्य सदस्य काम करते थे। मामले में गिरोह के दो आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बाद से गिरोह से जुड़े अन्य लोगों में भी खलबली मची हुई है।
सोमवार को साइबर क्राइम सेल की टीम ने फरार श्याम कुमार केडिया और विश्वजीत सिंह की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी थी, लेकिन दोनों का पता नहीं चला। मंगलवार को जांच टीम ने बैंक खातों की जांच शुरू कर दी। जांच टीम कुसम्हा में एक बड़े व्यापारी के यहां भी पहुंची और मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस ने व्यापारी से कुछ दस्तावेज लेकर उन्हें कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी देने को कहा है। टीम खातों में हुए लेनदेन और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर मनमोहन मिश्रा ने रामकोला नगर और देहात क्षेत्र के बैंकों में साइबर ठगी के लिए खुलवाए गए खातों की जानकारी जुटाने की कार्रवाई शुरू की है। पुलिस इन खातों में हुए लेनदेन के साथ ही खाताधारकों और उनसे जुड़े लोगों की भी जानकारी खंगाल रही है।