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Kushinagar News: तस्करों के खिलाफ एक्शन मोड में पुलिस, पकड़ा जाए ननकी तो लगे रोक

Sat, 29 Mar 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। होली पर शराब तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर बरामदगी व गिरफ्तारी करने वाली पुलिस ने एसपी के निर्देश पर पशु तस्करी पर रोकथाम के लिए अभियान शुरू कर दिया है। पशु तस्करों पर सख्ती बरतने के लिए थानाध्यक्ष पिछले एक सप्ताह से हाईवे से लेकर बिहार को जोड़ने वाली गांवों की पकडंडियों पर घेराबंदी कर रहे हैं। इस दौरान बिहार और अलग-अलग प्रांत के तस्करों, कैरियरों तथा लाइनर को गिरफ्तार भी किया है, लेकिन कुख्यात पशु तस्कर रियाज उर्फ ननकी के अलावा कई ऐसे तस्कर हैं जो पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए है। सूत्रों की माने तो पश्चिमी इलाकों और पशु मंडियों से खरीदकर जो पशुओं की खेप बिहार और बंगाल तक जाती है। उसमें कुख्यात तस्कर ननकी से जुड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। ननकी के इर्द गिर्द ऐसे नए लड़के हैं जो इसके इशारे पर पशुओं की खेप को सीमा पार कराते हैं।
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पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बसहिया बनवीरपुर गांव निवासी ननकी से पूरब से लेकर पश्चिम तक पशु तस्करी के धंधे में शामिल कई कुख्यात सरगना जुड़े हैं। कुशीनगर से बिहार तक पशुओं की खेप पहुंचाने का जिम्मा इससे जुड़े लोग लेते हैं और गोवंश को बिहार के चिन्हित स्थानों तक पहुंचा देते हैं। यह इतने एक्सपर्ट होते हैं कि पुलिस की घेराबंदी के बाद भी भाग निकलते हैं। बृहस्पतिवार को भोर में पटहेरवा, तमकुहीराज और चौराखास थाना पुलिस की घेराबंदी के बाद भी एक पिकअप सवार तस्कर गोवंश लेकर भागने में सफल रहे और पीछा करने के बाद भी पुलिस नहीं पकड़ पाई। कुशीनगर के रास्ते होने वाले पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस दिन रात एक कर दी है, लेकिन जिले के मास्टरमाइंड कुख्यात पशु तस्कर रियाज उर्फ ननकी सहित कई ऐसे तस्कर है जो कानूनी पेंच और स्टे के कारण पुलिस शिकंजे से दूर हैं और इसी का फायदा पश्चिमी इलाकों से होने वाली तस्करी में तस्कर उठा रहे हैं। ननकी और कई ऐसे कुख्यात सरगना जिले में हैं जिनके शह पर पशु तस्करी नहीं रूक रही हैं। एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि पशु तस्करों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। सत्यापन भी कराया जा रहा है। किसी भी कीमत पर पशु या शराब के धंधे में शामिल तस्कर नहीं बचेंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अभियान चलाकर की जा रही है। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है।
पशु मंडी बनी तस्करी में मददगार

तुर्कपट्टी क्षेत्र में पशुओं की खेप के साथ बिहार प्रांत के दो तस्कर पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि यह गोरखपुर क्षेत्र के छपिया स्थित पशु मंडी से कम दाम में खरीदते हैं और फिर इसे सुकरौली, सोनबरसा, हाटा के रास्ते बिहार में दाखिल हो जाते हैं। सूत्रों का मानना है कि पशु तस्कर ऐसे ही पिपराइच, छपिया आदि मंडियों से पशुओं को खरीदकर बिहार यह पशुओं को बिहार के दरभंगा, मुजफ्फरपुर पहुंचाते हैं और उसके बाद भोजपुर, हाजीपुर, बख्तियारपुर, बक्सर आदि इलाकों में सज रही मंडियों में इन्हें भेज दिया जाता है। जहां से इन्हें आसानी से खरीदा जाता है और वहां से उन्हें गाड़ी पर लोड कर झारखंड, बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक ले जाया जाता है।
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धंधेबाजों को मुख्य धारा से जोड़कर रोकी जा सकती है तस्करी
बसहिया बनवीरपुर, तुर्कपट्टी के छहूं, सपहा कुबेरस्थान आदि इलाकों में ऐसे तस्कर हैं जिनका परिवार शिक्षा और विकास की मुख्य धारा से अलग है। पैसा न होने के स्थिति में यह शॉर्टकट से पैसे कमाने के लालच में तस्करी में लिप्त होते जाते हैं। इसमें इनके कई पुश्तैनी लोग पहले से जुड़े हुए हैं। प्रबुद्धजनों का मानना है कि ऐसे गांव में पुलिस हर सप्ताह में जागरूकता अभियान चलाने के साथ सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ एक जिला एक उत्पाद आदि योजनाओं से इन परिवार को जोड़कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ा जा सकता है जिससे वह तस्करी से तौबा करेंगे।
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