पडरौना। बदलते मौसम के संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी से लेकर पैथोलॉजी तक मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसमें वायरल फीवर की चपेट में आ रहे मरीजों के खून में प्लेटलेट्स तेजी से घट रहे हैं। इसे लेकर डाक्टरों ने सतर्कता बढ़ा दी है। मरीजों को विशेष सावधानी बरतने के लिए सलाह दी जा रही है।
अस्पताल के ओपीडी में शनिवार को करीब 1500 मरीज इलाज कराने पहुंचे,इनमें से 30-35 फीसदी मरीज केवल वायरल फीवर ,तेज बुखार व बदन दर्द का इलाज कराने के लिए आए थे। वहीं अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में संचालित ओपीडी में खून सहित अन्य जांच कराने के लिए दोपहर बाद करीब 12:30 बजे तक ही 425 मरीजों ने पंजीकरण करा लिया था। यहां पर जांच रिपोर्ट लेने से लेकर सैंपल कक्ष तक मरीजों व तीमारदारों की भीड़ लगी रही।
इसके अलावा वायरल फीवर के बाद कम प्लेटलेट्स वाले मरीजों को पहले इमरजेंसी वार्ड में कुछ घंटों निगरानी कर जरूरी इंजेक्शन व दवाएं देकर राहत होने पर भर्ती कराया जा रहा है। जहां उनका मुकम्मल इलाज किया जा रहा है। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे डाॅक्टर रत्नेश ने बताया कि सामान्य वायरल संक्रमण के दौरान भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है। इससे प्लेटलेट्स नीचे आने लगता है। कई मरीजों की जांच में डेंगू निगेटिव आ रहे हैं लेकिन उनके प्लेटलेट्स कम हैं।
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मरीज व तीमारदार बोले:-
दो सप्ताह से बुखार आ रहा है। गांव के पास एक निजी अस्पताल में पहुंचकर डाक्टर की सलाह पर दवा ले रही थीं। जब तक दवा का असर रहता था,तब तक राहत मिल रही थी। उसके बाद शरीर दर्द के साथ बुखार चढ़ना शुरू हो जा रहा था। खून की जांच में प्लेटलेट्स का काउंट्स 80,000 है। -सुनीता प्रजापति, पश्चिमी चंपारण, बिहार
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लगातार 15 दिन से बुखार उतरने-चढ़ने से परेशान हो गया था। मेडिकल कॉलेज में पहुंचा तो ओपीडी में डाक्टर ने लक्षण के आधार पर खून की जांच कराने के लिए सलाह दी। जांच के बाद रिपोर्ट में प्लेटलेट्स काउंट्स 76,000 आया है। प्लेटलेट्स के गिरने की रिपोर्ट पर डाक्टर ने भर्ती करने की सलाह दी है। -धीरज कुमार कुशवाहा, लौंगपुरा, पडरौना
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इमरजेंसी में भर्ती कराकर आठ वर्षीय बच्चे का इलाज करा रहे तीमारदार ने बताया कि बुखार नहीं उतर रहा था। गांव में ही दवा ली लेकिन आराम नहीं मिला। तेज बुखार व शरीर में दर्द और सुस्ती बढ़ने पर जब मेडिकल कॉलेज लेकर आए, तो डाक्टर ने हालत देखकर पहले भर्ती करने व सीबीसी जांच कराने की सलाह दी है। -अहमद, बालनंद छपरा
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डाॅक्टर की सलाह
- शरीर में पानी की कमी न होने दें। नारियल पानी,ओआरएस और ताला फलों के जूस आदि पीना चाहिए।
- संक्रमित मरीज से दूरी बनाए रखें।
- तेज धूप में बाहर निकलने से बचें।
- बासी खाने-पीने की चीजों के सेवन से बचना चाहिए।
- ताजा व सुपाच्य भोजन करें। तले-भुने व बाजार के खुले सामानों का प्रयोग नहीं करें।
कोट:-
वायरल और संदिग्ध डेंगू के मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। पर्याप्त मात्रा में दवाएं और पूरी व्यवस्था उपलब्ध है। मरीजों व उनके तीमारदारों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। डाक्टर की सलाह पर ही दवाएं ले और जांच कराकर समुचित इलाज कराएं। -डाॅ. दिलीप कुमार, सीएमएस
मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी में जांच के लिए पंजीकरण पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर लगी भीड़।संवाद