शनिवार को मतगणना शुरू होने के पहले से ही नगरवासी चुनाव परिणाम जानने के लिए उत्सुक दिखे। मतगणना शुरू होने के समय तक बहुत से उम्मीदवार काउंटिंग स्थलों पर भले नहीं पहुंचे थे, लेकिन शहर के साथ-साथ जनपद के विभिन्न हिस्सों से आए समर्थक और कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवारों का चुनाव परिणाम जानने के लिए पहुंच गए थे। जो लोग कैंपस में नहीं जा सके, वे लाउडस्पीकर से प्रसारित किए जा रहे रुझान को सड़क पर जगह-जगह खड़े होकर सुन रहे थे। जैसे ही प्रत्याशियों के विजयी होने की घोषणा की गई, उनके समर्थक अबीर-गुलाल उड़ाकर, ढोल बजाते नाचने लगे।
वैसे तो जनपद के सभी सात विधानसभा सीटों पर चार मार्च को हुई मतगणना के बाद से चर्चाओं का दौर तेज हो गया था। उम्मीदवारों के समर्थक ही नहीं जनपद के अन्य नागरिक भी चुनाव परिणाम जानने के लिए उत्सुक रहे। शुक्रवार की रात तो उम्मीदवारों के साथ-साथ बहुत से समर्थकों को भी रात में नींद नहीं आई और सुबह होते ही मतगणना स्थल की ओर चल पड़े।
मतगणना स्थल के बाहर भीड़ न लगे, इसलिए पुलिस और बीएसएफ के जवानों ने लोगों को बाहर ही रोक दिया था। ऐसे में लोग लाउडस्पीकर के नीचे खड़े होकर चुनाव परिणाम सुनते रहे।
कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा सहित अन्य कई उम्मीदवार मतगणना शुरू होने के बाद से ही अंदर दाखिल हो गए थे, लेकिन चुनाव परिणाम अपने पक्ष में न आते देख कुछ देर बाद चलते बने।
दस से अधिक राउंड की मतगणना हो जाने के बाद भाजपा के कई उम्मीदवार अपनी जीत करीब देख मतगणना स्थल पर पहुंचे, उनमें भाजपा उम्मीदवार स्वामी प्रसाद मौर्य, रजनीकांत मणि त्रिपाठी, सुहेलदेव भासपा के रामानंद बौद्ध, गंगा सिंह कुशवाहा, पवन केडिया और जटाशंकर त्रिपाठी आदि शामिल थे। कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र के काउंटिंग स्थल पर पहुंचे थे।
अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित हो जाने के बाद भाजपा, भासपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थक मतगणनास्थल के बाहर अबीर-गुलाल लगाकर एक-दूसरे को बधाई देने लगे। वे ढोल बजाने के साथ-साथ नारे लगा रहे थे। आतिशबाजी भी शुरू हो गई। उसके बाद जैसे ही विजयी प्रत्याशी बाहर निकले, समर्थकों ने उन्हें कंधे पर बैठा लिया और माला पहनाकर स्वागत किया। इनके अलावा जो लोग मतगणनास्थल पर नहीं पहुंच सके, वे घरों और दुकानों में बैठकर जनपद के साथ-साथ प्रदेश का चुनाव परिणाम टेलीविजन पर देखते रहे।