हाटा। मंगलवार को हाटा की तहसील दिवस में पहुंचे मोतीपाकड़ कविलसहां, ढाढ़ा बुजुर्ग और महुआ मस्जिदिया गांव के लोगों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ये लोग अपने गांवों को हाटा नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे थे। कार्रवाई न होने पर लोगों ने पांच मई से धरना देने की चेतावनी दी।
तहसील दिवस में पहुंची जसवंती देवी, पार्वती देवी, मीरा देवी, तारा देवी, परमात्मा सिंह, लाल साहब, राधेश्याम यादव, कमलेश भारती, सुभाष, मोनू, पुरुषोत्तम सिंह, शिवकुमार आदि का कहना था कि उनके गांव हाटा कस्बे से दूर हैं। नगर क्षेत्र की सीमा में शामिल करने से उनका कुछ भला नहीं होगा। गांव को शहरी क्षेत्र में शामिल किए जाने से मजदूरों के सामने कई दिक्कतें पैदा होंगी। कमलेश प्रसाद, अजीत शर्मा, श्री प्रकाश गौड़, राजेंद्र प्रसाद, बच्चन प्रसाद, गोरख शर्मा, भिखारी प्रसाद आदि का कहना था कि नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जा रहे क्षेत्रफल का करीब 95 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण है, लिहाजा ये गांव निकाय क्षेत्र में शामिल करने के मानक के विपरीत हैं। इन लोगों ने नगर पालिका क्षेत्र के लिए हुए परिसीमन की जांच कराकर काफी दूर स्थितइन गांवों को पूर्व की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।