पडरौना। भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन जिले भर में उल्लासपूर्वक मनाया गया। भाई-बहन इस त्योहार की रस्में निभाने के लिए एक-दूसरे के घर गए। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर अपनी रक्षा का वचन लिया तो वहीं भाई भी बहनों को आशीर्वाद देने के साथ-साथ विभिन्न उपहार दिए। इस त्योहार को लेकर बृहस्पतिवार को सड़कों और बाजारों में काफी चहल पहल रही। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सदस्यों की तरफ से भी लोगों को राखी बांधी गई।
रक्षाबंधन का त्योहार बृहस्पतिवार को परंपरागत ढंग से संपन्न हो गया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर उम्र के लोगों ने इस त्योहार को अपने-अपने तरीके से मनाया। बच्चे जहां विभिन्न खिलौनों की आकृति वाले राखी बांधे, वहीं युवा और बुजुर्गों की कलाई पर क्लासिकल और फैंसी राखियां शोभ रही थीं। भाई-बहन राखी के लिए सुबह से ही एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे थे। दुकानों पर रक्षाबंधन के गीत इस त्योहार के महत्व की लोगों को याद दिला रहे थे। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की तो वहीं भाइयों ने उन्हें विभिन्न उपहार तथा आशीर्वाद दिए। राखी बांधने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कुशीनगर की संचालक मीरा और उनकी सहयोगियों ने भी दफ्तरों और घरों में जाकर लोगों को राखी बांधी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन सभी पर्वों में अनोखा पर्व ही नहीं, भारत की संस्कृति तथा मानवीय मूल्यों को उजागर करने वाला, अनेक आध्यात्मिक रहस्यों को प्रकाशित करने वाला है।