शनिवार की शाम कसया कस्बे में अचानक ज्यादा संख्या में पुलिस फोर्स तैनात होने से कस्बे में आतंकवादी के आने की अफवाह फैल गई। इसे लेकर कसया कस्बे में शाम को ही ज्यादातर दुकानें बंद हो गई थीं। रात में भी किसी अनहोनी के डर से ज्यादातर लोग सहमे रहे। ग्रामीण क्षेत्राें में भी इसे लेकर चर्चा जोरों पर रही।
शासन के निर्देश पर शनिवार की शाम को बाजाराें, भीड़भाड़ वाले इलाकों, बड़ी दुकानों, सिटी मॉल, बीयरबार आदि स्थानों पर जांच होनी थी। इसी क्रम में कसया के मुख्य मार्ग, बस स्टेशन, शराब की दुकानों सहित प्रमुख स्थलों पर एसपी की अगुवाई में कसया की पुलिस और पीएसी के जवानों ने जांच की। अनावश्यक खड़े युवकाें से पूछताछ करने के बाद कई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
चूंकि कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध स्थली होने के साथ ही पठानकोट में हुए आतंकी हमले को लेकर यहां भी किसी आतंकवादी के आने की अफवाह फैल गई थी। पुलिस की जांच-पड़ताल को उसी आतंकवादी को पकड़ने की कोशिश मानकर बहुत से दुकानदाराें ने शाम को छह बजते ही अपनी दुकानें बंद कर ली थीं। कई कोचिंग सेंटर संचालक बच्चों को पढ़ाने की बजाय लौटने लगे। आलम यह था कि गांवों में भी इसकी चर्चा होने लगी। रात में भी बहुत से लोग इसे लेकर चिंतित रहे। यहां तक कि रविवार को दिन में भी कस्बे में इसकी चर्चा होती रही। विदेश या कहीं कमाने गए लोग फोन कर अपनों की कुशलक्षेम पूछते रहे। कस्बा निवासी मनोज अग्रवाल, अरविंद सिंह, प्रियंका सिंह, संतोष गुप्ता, अश्वनी जायसवाल्र, रामराज गुप्ता आदि का कहना था कि अचानक शहर में पुलिस की गश्त और लोगों की धर पकड़ से आशंका पैदा हो गई। इन लोगाें का कहना था कि ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि कस्बे में आतंकी घुस आया है।
इस संबंध में एसपी अतुल शर्मा का कहना था कि पठानकोट में हुई आतंकी घटना के मद्देनजर कस्बे में एहतियात के तौर पर जांच की गई थी। कसया और कुशीनगर के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के लिहाज से हमने यह कार्रवाई की थी न कि किसी आतंकी के आने की वजह से। बिहार बार्डर से लगे इलाकों सहित जनपद के सभी प्रमुख स्थलाें पर इस तरह की जांच आगे भी की जाएगी।