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शिक्षकों की संख्या बढ़ी, बच्चों की पढ़ाई जस की तस

Sun, 10 Jan 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कुशीनगर
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तमकुहीराज विकास खंड के परिषदीय विद्यालयों में विभाग ने 145 और शिक्षकों की तैनाती कर शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया है। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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अब भी दो विद्यालय ऐसे हैं, जहां छात्रों की संख्या शून्य बताई जा रही है। दोनों विद्यालय का कई वर्षों से शिक्षक विहीन होने के चलते ऐसी नौबत आई है।
इस विकास खंड में कुल 164 प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें 13542 छात्रों का नामाकंन हुआ है।
इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए वर्तमान में 335 शिक्षक हैं। जबकि 129 शिक्षामित्र से सहायक शिक्षक बने शिक्षकों ने भी न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षण कार्य शुरू कर दिया है। पर्याप्त शिक्षक होने के बावजूद शिक्षा व्यवस्था में सुधार होता नहीं दिखाई दे रहा है।
आलम यह है कि प्राथमिक विद्यालय मेहदिया और अमरवा खुर्द में छात्रों की संख्या अब भी शून्य है। ये विद्यालय कई वर्षों से शिक्षक विहीन चल रहे थे। इस कारण छात्रों ने नामांकन कराना छोड़ दिया था।
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अब जबकि 30 दिसंबर 2015 को दोनों विद्यालयों में दो शिक्षकों की नियुक्ति तो विभाग की ओर से कर दी गई है, लेकिन शिक्षण सत्र का अंतिम समय चलने के कारण यहां पर छात्रों का नामांकन नहीं हो पा रहा है।
 ऐसे में यहां पर तैनात शिक्षकों को शिक्षण कार्य करने के लिए कुछ भी शेष नहीं है। दूसरी तरफ जिन शिक्षकों की इस विकास खंड में तैनाती की गई है, उनमें से अधिकांश पर अभिभावकों की ओर से गैरहाजिर रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं। अभिभावकों की शिकायत है कि तमकुही विकास खंड में तैनात महिला शिक्षकों से अधिकांश शिक्षिकाएं समय से विद्यालय में उपस्थित नहीं रहती हैं।
शिक्षकों को अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी का अभाव के चलते शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आती नहीं दिख रही है।
इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी भारत भूषण जायसवाल का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विभाग कटिबद्ध है। शिक्षण कार्य में लापरवाह शिक्षकों के विरुद्ध जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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