तुर्कपट्टी। थाना क्षेत्र के गांव छहूं में मंगलवार को माहौल शांत रहा। चौराहे की दुकानें खुलीं और गांव से फोर्स भी हटा ली गई। शांतिभंग की आशंका में चार और लोगों को भी पाबंद किया गया है। दोपहर में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल ने इस मामले में पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए 22 जुलाई के बाद आंदोलन की चेतावनी दी।
रविवार की रात गांव में एक व्यक्ति के घर बारात आई थी। वहां भोजन के दौरान राजू नाम के एक युवक को दूसरे वर्ग के युवकों ने पीट दिया था। रात में पहुंची पुलिस फोर्स ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया। परंतु सोमवार की सुबह इसी मामले को लेकर रूपेश नामक युवक पिटाई के बाद माहौल गरमा गया। छहूं चौराहे पर दुकानें बंद होने के बाद गांव में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात कर दिये गए। तुर्कपट्टी पुलिस ने एक पक्ष से पांच और दूसरे पक्ष से छह लोगों को शांतिभंग की आशंका में जेल भेज दिया। मंगलवार को सुबह छहूं चौराहे की दुकानें सामान्य ढंग से खुलीं। गांव वालों की दिनचर्या सामान्य देख गांव में तैनात पुलिस और पीएसी के जवानों को हटा लिया गया है। दोपहर बाद भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही, उपाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय, मंडल अध्यक्ष विजय शंकर तिवारी, कन्हैया शर्मा आदि गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले। जिलाध्यक्ष ने फोन से तुर्कपट्टी एसओ से भी बात की।
गांव से लौटने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष ने तुर्कपट्टी पुलिस पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर इतने संवेदनशील मामलों में भी दोषियों पर कार्रवाई की बजाय पीड़ितों को ही जेल भेजा जाएगा तो भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि पुलिस ने गलती नहीं सुधारी तो 22 जुलाई के बाद थाने का घेराव किया जाएगा। इस दौरान विद्याधर ओझा, दुर्गेश राय, पुरुषोत्तम गुप्ता, राजू तिवारी, जयप्रकाश मिश्र, सुनील प्रसाद, राजकुमार गिरी, शैलेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे ।
इस संबंध में तुर्कपट्टी थाने के एसआई देवेंद्र सिंह का कहना है कि गांव में पूरी तरह से शांति है। फोर्स हटा ली गई है, लेकिन कुछ लोगों पर निगाह रखी जा रही है।