दुदही ब्लॉक के गौरीश्रीराम गांव में मनरेगा योजना का हाल, गांव के लोगों ने मांग पत्र देकर कार्रवाई की मांग की
मनरेगा के तकनीकीसहायक बोले, कुछ काम बाकी है, फ सल कटने के बाद उसे करा दिया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
दुदही। दुदही ब्लॉक के गौरीश्रीराम गांव में दो परियोजनाओं पर बिना कार्य पूरा कराए ही 235999 रुपये का भुगतान करा लिया गया। इस संबंध में गांव के लोगों ने डीएम से शिकायत की है।
25 दिसंबर को प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद एडीओ पंचायत प्रशासक बनाए गए थे। उन्हीं की निगरानी में अब कार्य हो रहे हैं। सबसे अधिक कार्य मनरेगा में चल रहे हैं। गौरीश्रीराम गांव में दो परियोजनाओं पर फरवरी और मार्च में कार्य कराया गया है। एक कार्य झरही टोला में हरिहर निषाद के घर से भूषण के घर तक और दूसरा रामजस के खेत से पुलिया तक मिट्टी भराई कार्य है। दोनों कार्य कराए बिना ही भुगतान ले लिया गया। ग्रामीणों ने डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि हरिहर निषाद के घर से भूषण के घर तक चकरोड पर मिट्टी का कार्य सात फरवरी से 13 फरवरी तक और 14 फरवरी से 20 फरवरी तक दर्शाया गया है। दो सप्ताह में 20 लेबर प्रत्येक दिन कुल 280 मजदूर कार्य पर दर्शाए गए हैं। इसके लिए 10 व 12 मार्च को 54270 रुपये का भुगतान किया गया है। दूसरी परियोजना रामजस के खेत से पुलिया तक मिट्टी भराई कार्य के लिए 21 फरवरी से 27 फरवरी तक तथा तीन मार्च से नौ मार्च तक और 10 मार्च से 16 मार्च तक तीन सप्ताह में प्रत्येक दिन 43 मजदूर कार्य पर लगाए गए हैं। तीन सप्ताह में 903 मजदूरों ने कार्य किया है। जिसके लिए 1,81,729 रुपये का भुगतान किया गया है। गांव के असफाक अहमद, मिथिलेश पटेल, प्रमोद कुमार, धीरज मिश्रा आदि ने डीएम को पत्रक देकर प्रकरण की जांच व कार्रवाई की मांग की गई है।
इस संबंध में मनरेगा के दुदही ब्लॉक के तकनीकी सहायक मुनेश्वर मणि का कहना है कि कुछ काम कराया गया है। खेतों में फसल होने के चलते कुछ कार्य शेष है। भुगतान करा लिया गया है। फसल कटने बाद में कार्य करा लिया जाएगा।
वहीं ग्राम पंचायत सचिव अशोक कुमार का कहना है कि रोजगार सेवक द्वारा यह कार्य कराया गया है। बिना कार्य कराए भुगतान करा लेने की जानकारी मिली है। जांचकर वरिष्ठ अफसरों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
गांव के प्रशासक व दुदही के एडीओ पंचायत रामविलास गौड़ का कहना है कि मनरेगा से होने वाले कार्यों में उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। ब्लॉक से सीधे रोजगार सेवक के जरिए कार्य कराया गया है।
वहीं बीडीओ संदीप सिंह बोले, अब जानकारी हुई है। अगर बिना कार्य कराए ही भुगतान करा लिया गया है तो यह गलत है। जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और धन की रिकवरी होगी।