पडरौना। उत्तर प्रदेश शासन ने एक नवंबर से 28 फरवरी तक धान खरीद का आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन धान में नमी के कारण एजेंसियों की तरफ से खरीद शुरू नहीं की गई है। अभी सभी किसानों का धान न कटने के कारण भी किसान इसे लेकर क्रय केंद्रों पर नहीं जा रहे। विभाग का कहना है कि इसमें तेजी आने में अभी 15 नवंबर तक का समय लग सकता है।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में खाद्य एवं विपणन विभाग को 65 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से विभाग 45 हजार मीट्रिक टन ही धान खरीद पाया था।
मौजूदा वित्तीय वर्ष 2016-17 में धान खरीद के लिए 56 क्रय केंद्र बनाए गए, लेकिन यूपीएसएस के दो क्रय केंद्रों को राज्य सरकार के आदेश पर बंद कर दिया गया। अब 54 क्रय केंद्र हैं, जिनसे धान खरीद की जानी है। सामान्य प्रजाति के धान की कीमत 1470 और ग्रेड-ए का धान 1510 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। अभी धान में नमी होने के कारण एजेंसियां धान खरीद से परहेज कर रही हैं। विभाग का कहना है कि 15 नवंबर के बाद ही धान खरीद में तेजी आएगी।
इस संबंध में डिप्टी आरएमओ, निश्चल आनंद ने कहा कि धान में नमी के कारण खरीद एजेंसियां धान नहीं ले रही हैं। धान खरीद में तेजी 15 नवंबर के बाद आएगी। किसान अपना धान अच्छी तरह सुखाकर और साफ-सुथरा लेकर आएं।
किस एजेंसी को कितना मिला लक्ष्य
एजेंसी का नाम क्रय केंद्रों की संख्या लक्ष्य (एम टीम में)
मार्केटिंग 09 1500
एनसीसीएस 04 6000
राज्य कर्मचारी कल्याण निगम 03 12000
यूपी एग्रो 01 4000
एफसीआई 01 1200
पीसीएफ 36 35880