पडरौना/पकड़ियार बाजार। प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर धड़ल्ले से ओवरलोड गन्ना लदे ट्राले दौड़ रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। सबसे अधिक दिक्कत छात्र-छात्राओं को हो रही है। इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दिन में तो कम लेकिन शाम ढलते सड़कों पर ओवरलोड गन्ना लदे ट्राॅलों की भरमार लग जा रही है।
क्षेत्र के प्रमुख चिह्नित जगहों पर चीनी मिल की तरफ से तौल कांटे लगे हैं। गन्ना तौल के बाद उन्हें चीनी मिल तक ढुलाई के लिए पहले ट्रकों का प्रयोग करने का नियम है, लेकिन ठेकेदार पैसे बचाने के चक्कर में कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर में बड़े-बड़े ट्राॅलों का प्रयोग कर रहे हैं। यही नहीं इसके चालक भी प्रशिक्षित नहीं हैं। चालक ट्रैक्टर पर साउंड लगाकर तेज आवाज में गाना बजाते हैं, जिससे पीछे से आ रहे वाहनों के हार्न उन्हें सुनाई नहीं देते।
क्षमता से अधिक गन्ना लदे ओवरलोड ट्राॅलों का रेला प्रमुख मार्गों से हर आधे घंटे पर जब गुजरता है, तो वहां आसपास खड़े लोग और राहगीरों को हादसे का खतरा होता है। मार्ग पर बने पुल की चढ़ाई चढ़ने के दौरान ट्रैक्टर के आगे का पहिया उठ जा रहा है, जिसके चपेट में आने से हादसे हो रहे हैं।
करीब दो दिन पूर्व खानूछपरा व शितलापुर, पकड़ियार, सिरसिया, नौरंगिया के पास बीच सड़क पर ट्राॅला पलट गया। गनीमत रहा कि कोई राहगीर हादसे का शिकार नहीं हुआ। पडरौना, जटहां, कसया और तमकुहीराज के अलावा नौरंगिया, पकड़ियार, कोटवा, बिहारी छपरा, सएखउई, रामबाग, केरवनिया चौराहा सहित प्रमुख चौराहों पर शाम को अधिक भीड़ रहती हैं। ऐसे में ट्राॅलों के पहुंचने से चौराहे पर जाम लग जाता है। ऊंचाई अधिक होने से हादसे का डर बना रहता है।