खड्डा। बारिश के चलते सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य और बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बीच बहने वाला रोहुआ नाला उफान पर है। नाले पर बना रपटा पुल डूब गया है। लोग कमर भर पानी में जान जोखिम में डालकर पैदल नाला पार कर रहे हैं। बाइक सवार भी किसी तरह आ-जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बारिश का सिलसिला जारी रहा और जलस्तर बढ़ा तो नाव ही एकमात्र सहारा रह जाएगी।
रोहुआ नाले पर बना रपटा पुल खड्डा ब्लॉक और महराजगंज के निचलौल क्षेत्र की सात ग्राम पंचायतों के करीब 60 हजार लोगों की जीवनरेखा है। मरिचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, नारायणपुर, हरिहरपुर, सोहगीबरवा, भोथहा, मटियरवा, पिपरासी, खुटहवा समेत बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचने का यही प्रमुख संपर्क मार्ग है। पुल डूबने से क्षेत्र के लोगों का आवागमन खतरे में है। गंडक नदी में बाढ़ के कारण नाव से नदी पार करना भी खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
हर वर्ष बरसात में रोहुआ नाला उफनाने से यह मार्ग बाधित हो जाता है। खड्डा से इन गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों को पनियहवा गंडक पुल के रास्ते बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, मदनपुर और नौरंगिया होकर करीब 36 किमी का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।