ठोरी चौराहे पर सड़क जाम करते लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बबुईया हरपुर गांव निवासी निजी विद्यालय बुद्ध इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य छोटेलाल कुशवाहा का शव पोस्टमार्टम के बाद बुधवार दोपहर गांव पहुंचा। इससे पहले ही परिजन, स्कूल के बच्चे और क्षेत्रीय लोग दोपहर 12.45 बजे पर पडरौना-जटहा मार्ग पर ठोरी चौराहे के पास सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए।
करीब डेढ़ घंटे बाद जब शव चौराहे पर पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने शव ले जा रहे पिकअप को रोक दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। धरनास्थल पर मौजूद लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और छोटेलाल की पत्नी पूनम कुशवाहा को सरकारी नौकरी दी जाए। आरोपियों के घर व अवैध कब्जों पर बुलडोजर की कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को सुरक्षा की लिखित गारंटी दी जाए। धरने में शामिल बच्चे और ग्रामीण आरोपियों को फांसी देने की भी मांग कर रहे थे।
यहां जटहा बाजार, कुबेरस्थान, महिला थाना, पडरौना, रामकोला, नेबुआ पुलिस के साथ ही पीएसी के जवान भी तैनात रहे। मौके पर पहुंचे एसडीएम न्यायिक मुहम्मद जफर, सीओ सदर अजय सिंह और तहसीलदार सदर अभिषेक पांडेय ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग डीएम और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
धरना शाम साढ़े पांच बजे तक जारी रहा। इसके बाद एडीएम प्रशासन वैभव मिश्रा को पत्रक देकर धरना समाप्त किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क के साथ-साथ आसपास के बाईपास को भी बांस-बल्ली और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर जाम कर दिया था। धरने में कई जनप्रतिनिधि भी शामिल रहे। मौके पर ग्रामीणों, स्कूल के बच्चों व मृतक की पत्नी और परिजन मौजूद रहे।
शोक में बंद रहे निजी विद्यालय : प्रधानाचार्य छोटेलाल कुशवाहा की मौत के बाद जिले भर के निजी विद्यालय संचालकों और शिक्षकों में आक्रोश और शोक व्याप्त है। बुधवार को जिले के निजी विद्यालय बंद रखे गए। विद्यालय संचालकों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।