जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में 99.21 करोड़ के परिव्यय पर लगी मुहर
सीडीओ ने अनुपस्थित एक्सईएन बाढ़ खंड का एक दिन का वेतन रोका
जल निगम के ओवरहेड टैंकों से पेयजल आपूर्ति न होने पर सदस्यों ने जताई नाराजगी
कुशीनगर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में हुई। इसमें 99 करोड़ 21 लाख 12 हजार 321 रुपये के परिव्यय पर मुहर लगाई गई। सदस्यों ने जल निगम सहित कई विभागों पर संतोषजनक कार्य नहीं करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व की बैठक की कार्यवृत्त पर चर्चा की गई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 के मूल बजट एवं वर्ष 2021-22 के पुनरीक्षित बजट के अनुमोदन पर चर्चा हुई। विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2022-23 की वार्षिक कार्य योजना की स्वीकृति पर भी चर्चा हुई। जिला पंचायत की ओर से पूर्व में स्वीकृत एवं अधूरी परियोजनाओं को पूर्ण कराने पर विचार किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों से जिला पंचायत सदस्यों व जनप्रतिनिधियों ने सवाल किए।
अधीक्षण अभियंता विद्युत से जर्जर तार, तार चोरी, विद्युत आपूर्ति बाधित होने की समस्या, संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने, अधीक्षण अभियंता जल निगम से पानी सप्लाई नहीं होने की समस्या, नीर निर्मल परियोजना के संदर्भ में उत्पन्न समस्या, टैंक से पानी की आपूर्ति नहीं होने, बाढ़ खंड से वाटर लॉकिंग की समस्या, टेंडर के अनुसार कार्य नहीं कराने, अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं देने की समस्या उठाई गई। बाढ़ खंड विभाग के एक्सईएन की अनुपस्थिति की वजह से सीडीओ अनुज मलिक ने उनका एक दिन का वेतन रोक दिया।
सीडीओ ने बाढ़ खंड के उपस्थित अधिकारी को निर्देश दिए कि 30 अप्रैल तक लंबित मामलों में अनापत्ति प्रमाणपत्र ले लिया जाए। डॉक्टर के स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं आने, जच्चा बच्चा केंद्र की समस्या, स्थाई डॉक्टर की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया गया। सीडीओ ने डिप्टी सीएमओ को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत डॉक्टर की रोस्टर सूचना विभाग के माध्यम से जारी की जाए। समाज कल्याण अधिकारी विपिन पांडेय से सामूहिक विवाह योजना के खाते से संदर्भित समस्या उठाई गई। अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग से क्षतिग्रस्त पुलिया, गड्ढायुक्त सड़क की समस्याओं पर चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों ने शिकायतों के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
बैठक में सदर विधायक मनीष जायसवाल, फाजिलनगर के विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, सीडीओ अनुज मलिक, सांसद के प्रतिनिधि राधेश्याम पांडेय, अध्यक्ष के प्रतिनिधि प्रदीप जायसवाल, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत विंध्याचल कुशवाहा, डीडीओ आरएस गौतम, डीसी मनरेगा राकेश कुमार, डीपीआरओ अभय यादव, डीपीओ शैलेंद्र राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन पांडेय, जिला सूचना अधिकारी कृष्ण कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
‘समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं विकास योजना’
जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल ने अधिकारियों और सदस्यों से कहा कि विकास की योजनाओं को नियमानुसार समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करें। सदस्यों को बताया गया कि सरकारी अनुदान, कर तथा शुल्क, काजी हाउस, संपत्ति से आय, प्रकीर्ण सहित विभिन्न मदों से मिलाकर पुनरीक्षित संभावित आय 71 करोड़ 19 लाख, 20 हजार, 989 रुपये तथा पिछले वित्तीय वर्ष का अवशेष 28 करोड़, एक लाख, 91 हजार, 332 रुपये को मिलाकर कुल 99 करोड़, 21 लाख, 12 हजार 321 रुपये के परिव्यय अनुमोदित किया गया। इसकी सभी सदस्यों ने ध्वनि मत से स्वीकृति प्रदान की।