पडरौना।नोटबंदी के बाद से ही पडरौना नगर के अधिकांश एटीएम नोट की किल्लत से जूझ रहे हैं। हर दिन पांच-छह एटीएम ही चलते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान कुछ हद तक स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन अब हालात फिर बदतर होने लगे हैं। बुधवार को शहर में विभिन्न स्थानों में लगे 38 में से केवल तीन एटीएम ही खुले थे।
पडरौना शहर में पीएनबी, स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक आदि के 38 एटीएम लगे हैं। बीते साल नवंबर में नोटबंदी की घोषणा के साथ ही शहर के सभी एटीएम बंद हो गए थे। हफ्ते भर बाद केवल एचडीएफसी बैंक का एटीएम खुला। जनवरी महीने के अंतिम सप्ताह में जाकर शहर के पांच-छह एटीएम लगातार खुलना शुरू हुए थे। फरवरी महीने में चुनावी तेजी के साथ ही एटीएम में कैश की किल्लत कम हो गई थी। अप्रैल महीने की शुरूआत में एक बार फिर एटीएम कैश की कमी से जूझने लगे। इसके बाद से ही हर दिन इनकी स्थिति बिगड़ती जा रही है। सबसे खराब स्थिति पीएनबी और स्टेट बैंक के एटीएम की है।
लोगों का कहना है कि इन बैंकों के एटीएम में या तो कैश की किल्लत रहती है या फिर तकनीकी गड़बड़ी की वजह से धन नहीं निकलता है। बुधवार को शहर के 38 में से केवल तीन एटीएम खुले थे। इनमें से बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम दोपहर बाद खुला तो वहीं सेंट्रल बैंक के एटीएम में कैश तो था, लेकिन तकनीकी दिक्कत की वजह से रुपये नहीं निकल पाए। इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर एचएल कुशवाहा का कहना था कि उन्हें भी इसकी शिकायत मिली है। कई बैंक मैनेजरों से इस पर चर्चा हुई है। उन्होंने यह जानकारी दी है कि वेंडरों ने रुपये नहीं डाले हैं जिसकी वजह से ग्राहकों को दिक्कत हो रही है, कुछ जगहों पर तकनीकी दिक्कत आ रही है।