पडरौना। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पॉक्सो कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक गोरखपुर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को दुष्कर्म पीड़िता का डीएनए टेस्ट कराने का आदेश दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष अदालत पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश कुमार ने सरकार बनाम व्यास सिंह के मामले में थाना तरयासुजान को अग्रेतर विवेचना के लिए आदेश दिया है। मामले के मुकदमे की विवेचना में विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया है।
अभियुक्तों के विरुद्ध 17 अप्रैल 2025 को दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करने के दौरान पीड़िता ने अपने साक्ष्य में आरोपी अपराधियों के विरुद्ध कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने पीड़ित स्वत: प्रति परीक्षा किया गया। उसमें पीड़िता अविवाहित व अल्पवयस्क मिली। पीड़िता ने बालक को जन्म दिया है। पीड़ित बालक को अपने पास रखकर पालन पोषण कर रही है। न्यायालय ने पूछा कि बालक किसके संपर्क से पैदा हुआ है तो पीड़ित ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। डीएनए परीक्षण कराने से भी इन्कार किया है। विवेचक के द्वारा विवेचना केस डायरी के पर्चा नंबर 24 डॉ. वीनीता जिला अस्पताल पडरौना का साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। इससे स्पष्ट है कि विवेचक को इस मामले में जानकारी थी कि पीड़िता 26 सप्ताह की गर्भवती थी। डॉक्टर ने यह बताया कि बच्चा पैदा होने अभियुक्त और बच्चे का डीएनए परीक्षण कराया जा सकता है। लेकिन विवेचक के द्वारा डीएनए परीक्षण नहीं कराया गया है। इससे मामले में वैज्ञानिक रिपोर्ट का अभाव है। विवेचक ने केस डायरी में यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि डीएनए परीक्षण क्यों नहीं कराया गया। न्यायालय के दृष्टिकोण में इस मामले में सच्चाई तक पहुंचने के लिए पीड़िता से उत्पन्न बालक और अभियुक्त का डीएनए परीक्षण कराना जरूरी है।