तमकुहीरोड। बिहार के बैरिया प्रखंड के लौकरिया मिडिल स्कूल परिसर में शनिवार को भारतीय किसान सभा की बैठक हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के नए अलाइनमेंट का किसानों ने विरोध किया। कहा कि नए एलाइनमेंट में उपजाऊ भूमि अधिक आ रही है। इसलिए पुराने अलाइनमेंट के अनुसार ही भूमि का अधिग्रहण किया जाए।
किसानों का कहना है कि बिहार के पश्चिमी चंपारण के दो प्रखंडों के चौदह गांवों की 187.23 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है। सेवरही क्षेत्र से गुजरने वाला 550 किलोमीटर गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए नए अलाइनमेंट के आधार पर एनएचएआई की तरफ से अधिसूचना जारी की गई है। यह एक्सप्रेस-वे सेवरही क्षेत्र के पकड़ीयार पूरबपट्टी, पकड़ीयार पश्चिमपट्टी, दवनहा, गौरी नरोतम, बनरहा पूरबपट्टी, सुमहीरानी, परसा उर्फ सिरिसिया, कोटवा, जगदीशपुर, भावपुर, सुमही बुजुर्ग उर्फ मेहदिया, सुमही मोहन सिंह, जवही दयाल समेत तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के 39 गांवों से गुजरेगा।
इसके अलावा यह एक्सप्रेस-वे कसया तहसील क्षेत्र के 35 और हाटा तहसील क्षेत्र के 22 गांवों से भी गुजरेगा और जवही दयाल में गंडक नदी से होकर बिहार की सीमा में प्रवेश करेगा। इसकी जद में सेवरही नगर पंचायत के अटल नगर, महावीर नगर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर के मंदिर, कब्रिस्तान, स्कूल के साथ 72 छोटे-बड़े मकान भी आ रहे हैं।
इसी तरह का विरोध बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बैरिया व नौतन प्रखंडों में भी शुरू हो गया है। इस परियोजना के लिए इन दोनों प्रखंडों के 14 गांवों से 187.23 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए जारी नए एलाइनमेंट में किसानों की खेती योग्य भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गई है। यदि चिह्नित भूमि का अधिग्रहण किया गया तो कई किसान भूमिहीन हो जाएंगे।
इस दौरान प्रभुराज नारायण राव, मोहम्मद हनीफ, सुनील यादव, काशी शाह, संजय राय, हरिशंकर यादव आदि मौजूद रहे।