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शहरी क्षेत्र के दस स्कूलों में महज छह शिक्षक

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शहरी क्षेत्र के दस स्कूलों में महज छह शिक्षक
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पडरौना। शहर में बेसिक शिक्षा विभाग के दस विद्यालय हैं। इनमें 1536 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन इन विद्यालयों में केवल छह शिक्षक ही तैनात हैं। इनमें से एक शिक्षक के पास दो और एक के पास चार विद्यालयों का प्रभार है। विभाग की तरफ से नगरीय क्षेत्र में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से ये दिक्कत आ रही है। शहर में दो विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें शिक्षक ही नहीं है। इन दोनों विद्यालयों का प्रभार दूसरे विद्यालय के शिक्षक के पास है।
पडरौना नगर में पहले दो जूनियर और दस प्राथमिक विद्यालय संचालित होते थे, लेकिन संविलयन के बाद एक ही परिसर में चलने वाले प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों को एक में शामिल कर दिया गया। प्राथमिक में 1335 और जूनियर विद्यालयों में 201 बच्चे नामांकित हैं। यहां शिक्षकों की संख्या बेहद कम है। प्राथमिक विद्यालय मेन बाजार और प्राथमिक विद्यालय छावनी में शिक्षक ही नहीं हैं। इसके चलते दूसरे विद्यालय के शिक्षक को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय कन्नौजिया वार्ड पूर्वी में तैनात अजय गुप्ता को इनके मूल विद्यालय के साथ प्राथमिक विद्यालय छावनी का भी प्रभार दिया है। प्राथमिक विद्यालय राजभवन मार्ग में तैनात सहायक अध्यापक अतीश कुमार राय को इनके विद्यालय के अलावा प्राथमिक विद्यालय मेन बाजार, प्राथमिक विद्यालय नौका टोला, प्राथमिक विद्यालय कन्नौजिया वार्ड और प्राथमिक विद्यालय कन्नौजिया वार्ड पश्चिमी (बालक) का प्रभार दिया गया है।
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नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए शिक्षा सचिव के निर्देश पर वर्ष-2011 में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में तैनात सुमन जायसवाल, रीना श्रीवास्तव, अंजुल सिद्दीकी और लक्ष्मी को नगर क्षेत्र के विद्यालयों में तैनात किया गया था। इसमें से लक्ष्मी अंतरजनपदीय तबादला में मेरठ चलीं गईं और अंजुल सिद्दीकी का निधन हो गया। इसके बाद से नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में किसी शिक्षक की तैनाती नहीं हुई है। नगर के कन्नौजिया वार्ड पश्चिमी स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक अजय गुप्ता के पास नगर के छावनी स्थित प्राथमिक विद्यालय का भी प्रभार है। इनका कहना है कि दो स्कूलों का प्रभार होने से एक स्कूल में पढ़ाई का कार्य वहां तैनात शिक्षामित्र देखतीं हैं और दूसरे विद्यालय में स्वयं पढ़ाते हैं। प्राथमिक विद्यालय राजभवन मार्ग में तैनात अतीश कुमार राय के पास नगर के तीन अन्य विद्यालयों का प्रभार है। इसमें एक विद्यालय ऐसा है, जहां कोई शिक्षक नहीं है। शेष तीन विद्यालयों में एक-एक शिक्षामित्र तैनात हैं।
‘अभिभावक बोले-मजबूरी में भेजते हैं बच्चे’
नगर के नौका टोला निवासी अनिरूद्घ ठेले पर फल बेचते हैं। इनकी बेटी आयुषी मेन बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ती है। उनका कहना है कि प्राथमिक विद्यालय की पढ़ाई राम भरोसे है। इसी मोहल्ले के जितेंद्र शर्मा पेंटर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी रुचि प्राथमिक विद्यालय मेन बाजार में कक्षा दो में पढ़ती है। विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई ठीक से नहीं होती है। नगर के छावनी निवासी राजेश चौधरी भी पेंटिंग का कार्य करते हैं। इनकी बेटी आराध्या छावनी स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ती है। उन्होंने बताया कि बेटी को निजी विद्यालय में पढ़ाने की स्थिति नहीं है। बच्चों को पढ़ाना जरूरी है, इसलिए मजबूरी में सरकारी स्कूलों में भेजा जाता है। छावनी के ही शाकिर अली रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इनकी बेटी सोना छावनी के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि रिक्शा चलाकर इतनी कमाई नहीं होती की बेटी को अच्छे विद्यालय में भेज सकें। इसलिए शिक्षक कम हो या अधिक सरकारी स्कूल में ही भेजना उनकी मजबूरी है।
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‘उच्चाधिकारियों को दी गई सूचना’
बीईओ एसएन प्रजापति ने बताया कि नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। मौजूद शिक्षकों से ही पठन-पाठन समेत अन्य विभागीय कार्य कराए जा रहे हैं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों समेत शासन को भेज दी गई है। नए अध्यापकों की नियुक्ति अथवा ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होने पर ही शिक्षकों की कमी दूर की जा सकती है।
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