संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में उपभोक्ताओं के घरों में लगने वाले स्मार्ट मीटर में तकनीकी खराबी के कारण बिजली का बिल नहीं निकल पा रहा है। पांच हजार से अधिक शिकायतें अभी तक बिजली निगम के उपकेंद्रों पर पहुंची हैं। पडरौना एसडीओ ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली जीनस कंपनी को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो सका है।
इससे बिजली बिल वसूली के लिए मिलने वाले लक्ष्य को पूरा करने में दिक्कतें आ रही हैं। कंपनी के इंजीनियरों की ओर से शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। अभी तक जिले में करीब 17,030 स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। स्मार्ट मीटर में तकनीकी समस्या के कारण समय पर बिल नहीं निकल पा रहा है। बिजली का बिल समय पर नहीं निकलने से उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में परेशानी हो रही है।
ऐसी शिकायतें पडरौना, सेवरही, हाटा और कसया उपकेंद्रों पर पहुंच रही हैं। इसके चलते उपभोक्ता समय से अपना बिजली का बिल नहीं जमा कर पा रहे हैं। शिकायत के समाधान के लिए पडरौना के एसडीओ ने जीनस पावर कंपनी को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक कंपनी के जिम्मेदारों ने इस समस्या का समाधान अभी तक नहीं किया है।
लिखे गए पत्र में कहा गया है कि प्राय: देखा जा रहा है कि पिछले कई माह से उपभोक्ताओं के परिसर में लगे स्मार्ट मीटर का मीटर सीलिंग समय से पोस्ट न होने के कारण उपभोक्ताओं का समय पर बिल नहीं निकल पा रहा है। स्मार्ट मीटर का समय पर सही बिल नहीं निकलने से बिल भी उपभोक्ता नहीं जमा कर पा रहे हैं। इससे लक्ष्य के सापेक्ष बिजली बिल की वसूली नहीं हो पा रही है और विभाग पिछड़ रहा है। उपभोक्ताओं की आय दिन ऐसी शिकायत कार्यालय तक पहुंच रही है। इतना ही नहीं आईजीआरएस भी उपभोक्ता कर रहे हैं। ऐसे में तकनीकी खराबी को दूर कर समय से स्मार्ट मीटर का बिल उपभोक्ताओं को मुहैया कराया जाए।