कसया। नगर स्थित श्रीरामजानकी मंदिर मठ में चल रहे दस दिवसीय श्रीराम महायज्ञ के तीसरे दिन रविवार को श्रीधाम अयोध्या से पधारे कथावाचक रमाशंकर शास्त्री महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराते हुए कहा कि भगवान ने सभी को सब कुछ समान रूप से नहीं दिया है, लेकिन समय सभी को बराबर दिया है, इसलिए जीवन के प्रत्येक क्षण में ईश्वर का स्मरण आवश्यक है।
धुंधकारी की कथा का प्रसंग प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि यदि पुत्र योग्य और संस्कारी है, तो यह पूर्वजन्म के पुण्यों का फल होता है, वहीं ब्राह्मण को अपने आचरण में शुचिता और मर्यादा बनाए रखते हुए चोरी जैसे कर्मों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने शास्त्रीय परंपरा का उल्लेख किया।