तमकुहीराज। जिस घर में सात मई को शहनाई और बैंड बाजे की धुन पर परिजन व रिश्तेदार खुशी में थिरके थे उस घर में मंगलवार को मायूसी छाई रही। आठ मई को दुल्हन बन घर आई युवती सोमवार को अपने प्रेमी के साथ रहने का फैसला कर चुकी थी। वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आए अधिकतर रिश्तेदार जा चुके हैं।
दूल्हा बने युवक को छोड़कर दुल्हन भी अपने प्रेमी के साथ चली गई। मंगलवार को घर के अंदर से पूरे दिन युवक नहीं निकला। उसका कहना था कि यही बात शादी से पहले युवती बताई होती तो उस समय यही निर्णय मैंने लिया होता, लेकिन अब तो बाहर निकलने का मन नहीं कर रहा है। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की शादी सात मई को बिहार के गोपालगंज जिले के एक गांव की युवती के साथ हुई थी। आठ मई को नवविवाहित जोड़ा घर पहुंचा तो महिलाओं ने मंगल गीत गाकर स्वागत किया। शादी के पांचवें दिन 12 मई को विवाहिता प्रेमी के साथ रहने के लिए नकदी व गहना समेटकर ससुराल से भागने के प्रयास में जुट गई। एक महिला ने विवाहिता को ससुराल से भागते हुए देखकर शोर मचाया। इसकी जानकारी के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। घटना की सूचना विवाहिता के बिहार निवासी माता-पिता को दी गई। खबर मिलते ही विवाहिता से परिजन बेटी के ससुराल पहुंचे।
युवती के परिजनों ने उसे समझाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन प्रेमी से मिलने के लिए वह सबकी बातों को नजरअंदाज कर अपनी जिद पर अड़ी रही। ससुराल पक्ष के लोगों ने भी विवाहिता की सभी गलतियों को भुलाकर पति के साथ रहने के लिए मनाने लगे, लेकिन विवाहिता पति के साथ रहने से इनकार करती रही और प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी रही। इसके बाद दोनों पक्ष तमकुहीराज तहसील पहुंचे।
दोनों पक्षों ने आपसी सहमति के आधार पर अलग होने का फैसला किया। एक अधिवक्ता की सलाह पर स्टांप पेपर पर सहमति पत्र बनाकर नवविवाहित जोड़े ने हस्ताक्षर कर एक-दूसरे से अलग रहने का फैसला लिया। घटना की जानकारी के बाद लोगों की भीड़ जुट गई। लोग विवाहिता के निर्णय को कोसते रहे। मंगलवार को दूल्हे के घर में सन्नाटा पसरा रहा।