हादसे के बाद मासूम के घर जुटे लोग।
खड्डा। पूजा-पाठ और मन्नतों के 13 साल बाद तीन बेटियों के बाद आर्यन पैदा हुआ था। छोटा होने के कारण वह घर का लाडला था। माता-पिता के अलावा तीनों बहने उससे काफी प्यार करती थीं। अकेले कभी नहीं छोड़ती थी। दोपहर में दरवाजे के बाहर उसे खेलने के लिए गेंद और गन्ना दिया। मां बर्तन धुलने और घर का काम करने बहनें अंदर चली गईं।
पड़ोस के रहने वाले हम उम्र मयंक के साथ वह गेंद खेलने लगा। इस दौरान दोनों हैंडपंप के पास बने गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत के बाद मा गीता देवी रो-रो कर बुरा हाल है, जबकि पिता रमायन बदहवाश हैं। मां और बहनों की दहाड़े सुनकर दरवाजे पर पहुंचे लोगों की आंखें आंसुओं से भर गई। भुजौली बुजुर्ग गांव के पूरब टोला निवासी रमायन सिंह का मासूम बेटा आर्यन और दीपलाल का बेटा मयंक दोनों की गेंद खेलने के दौरान घर के पास नाले में डूबकर मौत हो गई। मासूमों की मौत ने गांव वालों को झकझोर दिया। रमायन की पत्नी गीता ने बताया कि शादी के बाद से बेटी सपना (12), शालू (8), आरूषी (6) के पैदा होने के बाद काफी मन्नतां के बाद आर्यन का जन्म हुआ था। ठंड की वजह से घर से नहीं बेटे को निकाल रही थी। आज थोड़ा धूप हुआ था तो उसे वह बाहर लाई और गन्ना चूसने के लिए दी थी। इसके बाद बर्तन धोने घर के चली गई। इस दौरान यह घटना हो गई।
आर्यन की तीनों बहने रो-रो कर बुरा हाल हैं और कह रही हैं कि अब बाबू कभी नहीं आएगा। वहीं दीपलाल की पत्नी पुनीता को एक बेटी के बाद बेटा हुआ था। पहली बेटी महक (5) वर्ष इसके बाद बेटा मयंक हुआ था। दीपलाल प्राइवेट वाहन चलाकर घर कर परवरिश करते हैं। घटना की जानकारी होने के बाद वह घर पहुंचे और बेटे का शव देख दहाड़ने लगे।
शुरू में तो गड्ढे में सिर्फ आर्यन का शव दिखाई दिया, लेकिन मयंक के गायब होने की सूचना पर लोगों ने पानी के अंदर देखा तो मयंक का शव मिला। दोनों बच्चे एक साथ अक्सर खेलते थे, इसके चलते आर्यन का शव मिलने पर शक गहराया तो मयंक को लोग उसी गड्ढ़े में ढूंढा। इसके बाद तो पूरा परिवार व गांव वाले सन्न रह गए। दीपलाल की पुत्री महक बताती है कि बाबू हमेशा आर्यन के साथ खेलता था। अब किसको बाबू कहूंगी, किसके हाथ में राखी बांधूगी। महक के बाल मन पर गहरा असर पड़ा दिखाई दे रहा था।