पडरौना। क्षेत्र के माधी विशुनपुरा गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए निर्धारित मानकों की अनदेखी कर एक संपन्न व्यक्ति के नाम दुकान का चयन कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर प्रस्तावित चयन से पहले संबंधित व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराने और मानकों के अनुसार दोबारा चयन प्रक्रिया कराने की मांग की है।
गांव के लोगों ने बताया कि गांव में पहले सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। अनियमितता के कारण दुकान निरस्त होने के बाद अब सामान्य वर्ग की ईडब्ल्यूएस श्रेणी में दुकान का चयन किए जाने का आदेश हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि 12 सितंबर को हुई खुली बैठक में एक व्यक्ति के नाम दुकान के चयन को लेकर आपत्ति जताई गई थी। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति के पास मेडिकल स्टोर के साथ ही दो बड़े मकान हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने उसके ईडब्ल्यूएस श्रेणी में पात्र होने पर सवाल उठाते हुए पहले संपत्ति की जांच कराने की मांग की है। लोगों ने एडीएम वैभव मिश्र को दिए गए ज्ञापन में कहा कि गांव में ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी अधिक है। इसलिए दुकान के आरक्षण और चयन में शासन के निर्धारित मानकों का पालन किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने 19 सितंबर को प्रस्तावित चयन की तारीख को तब तक स्थगित रखने की मांग की है, जब तक संबंधित व्यक्ति की पात्रता और संपत्ति की जांच पूरी न हो जाए। लोगों ने शिकायत की जांच कर पात्रता के आधार पर नई तिथि निर्धारित कर निष्पक्ष तरीके से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का चयन कराने की मांग की। इस दौरान मिथलेश गुप्त, विक्रमा, धर्मेंद्र, सुरेश, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।