पिपरा बाजार। इंसेफेलाइटिस से निर्जला नाम की बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम विशुनपुरा ब्लॉक के नरहरिया गांव पहुंची। सोमवार को गांव में पहुंची टीम को 26 से भी ज्यादा बच्चे बुखार और उल्टी दस्त से पीड़ित मिले।
नरहरिया गांव के रामविलास की बेटी निर्जला की बीते 11 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी।
संजय राय कहते हैं कि लगभग दस दिनों से गांव में बच्चे बीमार पड़े थे। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचित भी किया, लेकिन कोई नहीं आया।
निराश होकर सीएमओ को गांव में इंसेफेलाइटिस से एक बच्ची की मौत की जानकारी दी गई तब जाकर टीम पहुंची है। सोमवार को डॉ. एडीबीपीएन सिंह और डॉ. शिप्रा मिश्रा टीम के साथ नरहरिया गांव में पहुंचे और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
सविता, महिमा, अंकुश, मुस्कान, सत्यम, शिवम, रितेश और अंशु आदि समेत कुल 26 बच्चे बीमार पाए गए। गांव के लोगों को सेहत के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि भोजन से पूर्व और पश्चात राख अथवा साबुन से हाथ धोना अनिवार्य है।
सोते समय मच्छरदानी लगाने, शरीर में सरसों के तेल की मालिश करने की सलाह दी गई। नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के अलावा टीम ने लोगों में दवाइयां वितरित की।
गांव के रामअवध गुप्त, विक्रमा प्रजापति, दीपनारायण जायसवाल, अकलू, अयोध्या, हरि आदि ने एएनएम और सफाई कर्मचारी पर गैर जिम्मेदारी भरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। टीम ने भी गांव में गंदगी को चिंताजनक करार दिया। डॉ. एडीबीपीएन सिंह ने बताया कि 26 में से 19 बच्चे वायरल बुखार और सात दस्त से प्रभावित मिले हैं।