अब शुरू होगा पढ़ना-लिखना अभियान, चिह्नित होंगे गांव के निरक्षर
पडरौना। साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा विभाग की तरफ से अब पढ़ना-लिखना अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रथम चरण में गांव-गांव निरक्षरों की वास्तविक संख्या की गणना की जाएगी। एकत्रित आंकड़ों के आधार पर कार्यक्रम की सफलता के लिए अगली रणनीति बनाई जाएगी। निरक्षरों की गणना का कार्य ग्राम प्रधान व उस गांव के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल के हेडमास्टर संयुक्त रूप से करेंगे। इसके लिए डॉयट प्राचार्य की तरफ से सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य मनमोहन शर्मा ने बताया कि निदेशक साक्षरता वैकल्पिक शिक्षा, उर्दू एवं प्राच्य भाषाएं की तरफ से पढ़ना लिखना अभियान कार्यक्रम आयोजित करने के लिए निर्देश मिला है। इस कार्यक्रम से पहले प्रत्येक गांव में निरक्षर लोगों को चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए सभी बीईओ को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है।
निरक्षरों की गणना का कार्य प्रत्येक गांवों में स्थापित प्राथमिक व जूनियर विद्यालय के हेडमास्टर एवं ग्राम प्रधान के संयुक्त प्रयास से किया जाएगा। निरक्षरों की वास्तविक संख्या का यह आंकड़ा ब्लाकवार एकत्रित किया जाएगा। उसके बाद बीएसए के माध्यम से इसे डॉयट को भेजा जाएगा। इस वास्तविक आंकड़े आधार पर कार्यक्रम के लिए अगली रणनीति तय होगी।