अब मुफ्त में ठहर सकेंगे जरूरतमंद
पडरौना। शहरी बेघरों, निराश्रित और देर से शहर में पहुंचने वाले यात्रियों के ठहरने के लिए मुफ्त में व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पडरौना नगरपालिका परिषद के जलकल परिसर में अस्थाई आश्रय स्थल एवं रैन बसेरा का निर्माण कराया रहा है। डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस दो मंजीले भवन में 50 बेड, बैठक के लिए सभागार, शौचालय, स्नान घर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ठंड में शहर के अंदर रैन बसेरा भी बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका उपयोग रैन बसेरा के तौर पर भी किया जाएगा।
शासन ने एक लाख की आबादी वाले शहरों में अस्थाई आश्रय स्थल एवं रैन बसेरा का निर्माण कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए जनपद की पडरौना नगरपालिका का चयन किया गया है। डेढ़ करोड़ रुपये की लागत वाले इस आश्रय स्थल के निर्माण के लिए आवंटित प्रथम किस्त 72 लाख रुपये से दो मंजीले भवन का निर्माण जारी है। इसे सी एंड डीसी (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) नाम की कार्यदायी संस्था बनवा रही है। दूसरी किस्त के लिए शासन को पत्र लिखा जाना है।
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी वेदप्रकाश ने बताया कि सरकार की यह महत्वकांक्षी योजना है। पडरौना नगरपालिका परिषद के चेयरमैन की तरफ से इसके लिए जलकल परिसर में जमीन उपलब्ध कराई गई है। शहर में रहने वाले ऐसे लोग जिनका खुद का मकान नहीं है अथवा निराश्रित हैं, उनके लिए इस भवन में ठहरने की उत्तम व्यवस्था होगी। इसका उपयोग रैन बसेरा के रूप में भी किया जाएगा। सभी सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जाएंगी। इसकी कुल लागत डेढ़ करोड़ रुपये है, जिसमें से आवंटित 72 लाख रुपये से निर्माण चल रहा है। अवशेष धनराशि के लिए शासन को जल्द पत्र लिखा जाएगा।
जलकल परिसर में वीआईपी रैन बसेरा का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें ठहरने के लिए 50 बेड, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कमरे, रजाई-गद्दा, रूम हीटर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यहां ठहरने वाले लोगों को नगरपालिका परिषद की तरफ से मुफ्त में भोजन की व्यवस्था की जाएगी।
विनय जायसवाल, चेयरमैन नगरपालिका परिषद