कसया। जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल संपूर्ण समाधान दिवस में अनदेखी की जा रही है। 17 जनवरी को आयोजित समाधान दिवस में कई जिम्मेदार अधिकारी बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए।
समाधान दिवस के उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि संबंधित अधिकारियों के न तो हस्ताक्षर दर्ज थे और न ही उनके स्थान पर कोई नामित अधिकारी उपस्थित था। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही के चलते फरियादियों की शिकायतें अधूरी रह गईं और अधिकांश मामलों का निस्तारण नहीं हो सका। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अधिकारियों की अनुपस्थिति को शासन की मंशा के प्रतिकूल और जनहित की अनदेखी माना गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कसया एसडीएम डॉ संतराज सिंह बघेल ने अधिशासी अधिकारी कसया, चकबंदी अधिकारी कसया, खंड विकास अधिकारी रामकोला, तमकुही व हाटा, प्रभारी निरीक्षक कसया, सहायक विकास अधिकारी पंचायत कसया व फाजिलनगर, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण और सहायक विकास अधिकारी कृषि विकास खंड फाजिलनगर को लिखित नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि संबंधित अधिकारी दो दिवस के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते है तो उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोषी अधिकारियों पर वास्तविक कार्रवाई होती है या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाता है। इस संबंध में एसडीएम संतराज सिंह बघेल ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में दस विभाग के अधिकारी मौजूद नहीं थे उन्हें नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया हैं।