विकट परिस्थितियों में घबराएं नहीं, मजबूती से करें मुकाबला
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत एमजी इंटर कॉलेज में आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर
कप्तानगंज। अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता मुहिम के तहत शुक्रवार को एमजी इंटर कालेज में आयोजित आत्मरक्षा शिविर में एसडीम ने छात्र-छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों का बुलंद हौसलों के साथ सामना करने के लिए उत्साहित किया। सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षक ने छात्राओं को आत्मरक्षा के उपायों का अभ्यास कराया। पुलिस की तरफ से कानून पहलुओं की जानकारी दी गई।
एसडीएम अरविंद कुमार ने कहा कि शिखर पर पहुंचने के लिए दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा की जरूरत होती है। इसलिए छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न होने पर अपने अभिभावक, शिक्षक और अपने से बड़े लोगों के साथ चर्चा कर उसका निराकरण करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकारी प्रयासों की जानकारी दी। कहा कि स्कूल या किसी अन्य रास्ते में यदि कोई शरारती तत्व गतिरोध करता है तो उसका प्रतिरोध करें। बेटियां परिवार के साथ ही समाज व देश की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उठा रही हैं। उन्हें मानसिक व शारीरिक तौर पर मजबूत बनना जरूरी है।
एसआई महेंद्र यादव ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की तरफ से किए गए उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कहीं भी डरने की जरूरत नहीं है। मुश्किल क्षणों में धैर्य का परिचय देते हुए मुकाबला करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर 112 नंबर और 1090 हेल्पलाइन नंबर का सहारा लेने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह ने की और संचालन अरविंद श्रीवास्तव ने किया। अंत में छात्राओं ने अपराजिता मुहिम की शपथ ली।
इस दौरान सेंट एंड्रूज डिग्री कालेज गोरखपुर के प्रोफेसर बीबी सिंह, विकास सिंह, सुमंत शाही, विजय शर्मा, रवि सिंह, विजय यादव, वरुण पांडेय, विद्यासागर, राकेश यादव, महेंद्र प्रसाद, सुभाष चंद्र साहनी, बसंत यादव, पूजा राय, कुंती कशौधन, सरोज निषाद, अंगद कुशवाहा, रहीश अंसारी, शकुंतला, रेखा सोनी, अमृतांश सोनी आदि मौजूद रहे।
बालिकाओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर
आत्मरक्षा प्रशिक्षक रोहित सैनी ने अपने सहयोगियों के साथ विद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को रास्ते में शरारती तत्वों से निपटने, मुश्किलों का सामना करने आदि की जानकारी देते हुए उनका अभ्यास भी कराया। प्रशिक्षक ने छात्राओं को शारीरिक स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए नियमित व्यायाम और आत्म रक्षा के लिए बताए गए उपायों का पूर्वाभ्यास करते रहने की सलाह दी।
‘संकट काल में सहायक होते हैं आत्मरक्षा के उपाय’
शिक्षिका अनुष्का पांडेय ने कहा कि हम सभी को कानून का सम्मान करना चाहिए। जो ऐसा करता है वही कानून से सम्मान पाने का हकदार होता है। शिक्षिका शीबा खान ने कहा कि स्कूल कालेजों में ऐसे जागरूकता शिविर के आयोजन से कानून के साथ आत्मरक्षा के उपायों की भी जानकारी होती है। वह संकट काल में सहायक साबित होता है। छात्रा प्रियंका यादव ने कहा कि आत्मरक्षा शिविर से स्वयं को मजबूत कर नई ऊर्जा से काम करने का साहस मिला है। शिविर में मिली सीख को वह अन्य महिलाओं को बताएंगी। छात्रा तनिषा कश्यप ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित कराना चाहिए। इससे हम और हमारा समाज अपराधमुक्त होगा।