आग से प्रभावित लोगों को राहत राशि के चेक बांटने में गड़बड़ी सामने आई है। जिम्मेदारों ने 50 ऐसे लोगों को चेक दे दिए जिनके घरों तक धुआं भी नहीं पहुंचा। और तो और चेक वितरण में गांव ही नहीं बल्कि प्रदेश की सीमा भी लांघ दी गई। वहीं पीड़ित आज भी राहत राशि के चेक का इंतजार कर रहे हैं।
मामला चिरगोड़ा गांव का है। यहां 12 अप्रैल को आग से 112 लोगों के घर जल गए थे। इस घटना के बाद तहसीलदार समेत राजस्व विभाग की टीम ने नुकसान का आंकलन किया। 13 अप्रैल को राजस्व विभाग द्वारा 112 लोगों 7900 रुपये के चेक बांटे। इसमें 50 ऐसे लोगों को चेक दे दिए गए जिनके घर जलना तो दूर धुआं भी नहीं पहुंचा।
खास बात यह है कि राहत चेक बांटने पहुंचे राजस्व विभाग के लोगों को यह भी नहीं दिखा कि जिन लोगों के घर जले हैं, उन्हें विभाग और गांव वालों के सहयोग से ही प्लास्टिक का छाजन बनाकर एक शिविर में रखा गया। चेक उन्हीं लोगों को दिए गए, जिनके नाम सूची में थे।
खुले आसमान में मदद की आस देख रहे कई लोगों को पूछा तक नहीं गया, जबकि वे चेक के लिए गुहार भी लगा रहे थे। जिन लोगों को चेक दिए गए, उनमें से एक कई साल से बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के कतकी गांव का निवासी बताया जा रहा है। उधर, राहत के चेक का इंतजार करते आग से प्रभावित लोग थक गए तो उदयभान मद्धेशिया की अगुवाई में लोगों ने रविवार को तहसीलदार से लिखित शिकायत की।
इस संबंध में तहसीलदार नरेश चंद्र का कहना है कि शिकायत मिली है। इसकी बुधवार को मौके पर पहुंचकर खुद जांच करेंगे। जांच में जो लोग दोषी मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।