मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों को निर्देश देते प्राचार्य।स्रोत-सोशल मीडिया
कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड से नवजात चोरी होने के बाद गेट से लेकर वार्ड तक सख्ती बढ़ा दी गई है। मेडिकल कॉलेज के पीछे के खुले दरवाजे पर ताला बंद करा दिया गया है। इमरजेंंसी या मुख्य गेट से ही मरीज व तीमारदार बिल्डिंग में दाखिल होंगे। एमसीएच विंग और नई ओपीडी बिल्डिंग में दाखिल होने के लिए सिर्फ मुख्य द्वार है। शनिवार को प्राचार्य गार्डों के साथ इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक करीब दो घंटे तक निरीक्षण किए। वार्डों के नोडल अफसर से कहा कि अगर कोई शिकायत मिली तो इसके जिम्मेदार आप लोग होंगे, अब सबकी जवाबदेही तय कर दी गई है। लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड से बुधवार को नवजात चोरी हो गया। इससे कुशीनगर से शासन तक हंगामा मच गया। दूसरे दिन शाम को पुलिस ने पडरौना कोतवाली क्षेत्र की एक महिला के घर से सकुशल नवजात को बरामद कर लिया। इसके बाद जिम्मेदारों ने राहत की सांस ली। मेडिकल कॉलेज में जांच के दौरान मिली खामियों को ठीक करने में मेडिकल कॉलेज प्रशासन जुट गया है। इस दौरान एसएनसीयू वार्ड में सीसीटीवी कैमरे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ नोडल अफसर, वार्ड के इंचार्ज समेत सभी को प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने निर्देश दिया है कि पूरे दिन के कार्यों की रिपोर्ट दें। सप्ताह में एक दिन पूरी टीम के साथ मीटिंग होगी। इसमें सभी लोग अपना सुझाव देंगे और कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। ड्यूटी के दौरान सभी अप्रेन में रहेंगे और आईकार्ड सभी के गले में होगा। प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि निरीक्षण कर सभी को चेतावनी दे दी गई है। विभागवार नोडल अफसरों की जवाबदेही तय कर दी गई है। एसएनसीयू वार्ड के दोषियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। शासन स्तर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।