पडरौना। इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की गई। डीएम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इंसेफेलाइटिस पर काबू पाने के लिए सभी जरुरी इंतजाम करने पर जोर दिया गया।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इंसेफेलाइटिस से पीड़ित रोगियों की समुचित जांच कराकर उनका मुकम्मल इलाज कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुशीनगर जिले की भौगोलिक स्थिति से भलीभांति परिचित हैं। इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। पुरानी गलतियों को हरगिज न दोहराया जाए। उन्होंने कहा कि जुलाई से इंसेफेलाइटिस का प्रकोप बढ़ जाता है, इसलिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचाव के लिए पंचायतीराज विभाग सफाई और शिक्षा विभाग जागरुकता पर ध्यान दे। पशुपालन विभाग सर्वेक्षण कराकर आबादी से सुअरबाड़ों को हटाने के साथ ही सुअरों के विचरण पर रोक लगाए। मत्स्य विभाग को तालाबों का चयन कर उसमें पानी भरवाने और गंबूसिया मछली के भंडारण व बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को कुपोषित बच्चों का सर्वे कराकर टीकाकरण कराने का निर्देश दिया। इस बैठक में सीएमओ डॉ. सुदर्शन सोनकर, सीएमएस डॉ. लालता प्रसाद, एसीएमओ डॉ. एसपी सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. ताहिर अली, वीपी पांडेय, वीके वर्मा, डीएमओ डॉ. एसएन पांडेय, सभी सीएचसी प्रभारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रामपाल यादव, स्वच्छ भारत मिशन के समंवयक ब्रजेशनाथ तिवारी, बीईओ अजय तिवारी आदि मौजूद थे।