नोटबंदी के तीन महीने बाद भी जिले में रुपयों की किल्लत कम नहीं हुई है। शहरी क्षेत्र के बैंकों में रुपया है तो एटीएम बंद पड़े हैं और ग्रामीण क्षेत्र में बैंक शाखाओं में ही धन नहीं है। परेशान लोग दिन भर इधर-उधर घूम रहे हैं। लगन के नाते लोगों को जरूरी काम के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
पडरौना नगर में 10 से अधिक राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं हैं तथा 30 से अधिक एटीएम लगे हैं। परंतु नोटबंदी के बाद से ही सभी की हालत खराब है। शहर के चार-पांच एटीएम से ही रुपया मिल रहा है। इसके चलते बैंक शाखाओं में ग्राहकों की लंबी कतार लग रही है। शुक्रवार को एचडीएफसी के जटहा रोड व धर्मशाला रोड स्थित एटीएम खुले थे। इसके अलावा आईसीआई, एसबीआई के मेन शाखा एवं वीआईपी शाखा और एक्सिस बैंक का एटीम भी काम कर रहे थे। परंतु पीएनबी समेत अन्य सभी बैंकों के एटीएम या तो बंद थे या फिर उनमें कैश नहीं था।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार तरयासुजान स्थित पूर्वांचल बैंक की शाखा में रुपयों के लिए आ रही भीड़ अब तक कम नहीं हुई है। परेशान लोगों ने बैंक में धन की उपलब्धता बढ़ाने की मांग की। शुक्रवार को भी यहां धन निकासी के लिए आये लोगों को दिन भर लाइन में लगना पड़ा। खाताधारक रमेश प्रसाद, जवाहिर, रूदल, धंनजय, सुनील, जयचंद आदि का आरोप है कि बैंक के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं।