बच्चों ने रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया
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इस बार के विधानसभा चुनाव में मृत और सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। ये कर्मचारी संयुक्त जिला चिकित्सालय के हैं। इतना ही नहीं जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट, विभिन्न टेक्निशियन, सभी स्टॉफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक का नाम चुनाव ड्यूटी में लगाए गए लोगों की फेहरिश्त में है। ऐसे में मतदान के दौरान अगर कहीं कोई अप्रिय घटना हो जाए तो उस दशा में जिला अस्पताल से स्वास्थ्य सेवा मिलनी मुश्किल हो जाएगी।
जिले में छठे चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मतदान चार मार्च को होना है। इस बार के चुनाव में संयुक्त जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों को छोड़ करीब सभी स्टॉफ की ड्यूटी लगा दी गई है। इनकी फेहरिश्त में जिला अस्पताल में सिस्टर के पद पर रहीं सरिता राव की ड्यूटी भी लगा दी गई है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इस अस्पताल के लैब टेक्निशियन रामजी और सिस्टर नैनतारा भी सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। फिर भी इन का नाम मतदान कर्मियों की लिस्ट में है। संयुक्त जिला चिकित्सालय के जिन स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है, उनमें पीठासीन अधिकारी के रूप में नेत्र परीक्षण अधिकारी, एक्सरे टेक्निशियन, चीफ फार्मासिस्ट, फार्मासिस्ट और लैब टेक्निशियन सहित 14 लोगों का नाम है। प्रथम मतदान अधिकारी के तौर पर ईसीजी टेक्निशियन, इलेक्ट्रिशियन, लैब असिस्टेंट, वरिष्ठ सहायक, डेंटल हाइजीनिस्ट समेत नौ तथा मतदान अधिकारी द्वितीय के रूप में जिला अस्पताल की सभी 20 नर्स की ड्यूटी लगी है। मतदान अधिकारी तृतीय के रूप में, कनिष्ठ सहायक, वार्ड ब्वाय एवं वाहन चालक सहित नौ कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
ऐसे में मतदान और उससे एक दिन पूर्व कहीं कोई हिंसक घटना अथवा अन्य कोई अप्रिय घटना हो जाए तो उस आपात स्थिति में लोगों का इलाज होना मुश्किल हो जाएगा। तब उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर करना ही मात्र उपाय होगा।
इस संबंध में संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉक्टर लालता प्रसाद का कहना है कि मृत और सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मियों के बारे में जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुुका है। इसके अलावा चुनाव में कम स्टाफ की ड्यूटी लगाने के लिए भी लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया था। अब जो बचे रहेंगे, उनसे चुनाव के दरम्यान काम लिया जाएगा।