फाजिलनगर में प्राइवेट अस्पतालों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। जिले में बिना पंजीकरण व स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी कर संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच अभियान में सोमवार को नौ अस्पतालों को सील कर दिया गया और 42 अस्पताल संचालकों को नोटिस दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग का दावा है कि जांच अभियान जारी रहेगा, ताकि बिना पंजीकरण सहित स्वास्थ्य मानकों की अवहेलना कर संचालित किए जा रहे अस्पतालों पर अंकुश लगाया जा सके। सीएमओ डा.चंद्रप्रकाश ने बताया कि नोटिस देने के बाद मोहलत दी गई है, सत्यापन के दौरान अगर सुधार नहीं मिली तो कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी जाएगी।
फाजिलनगर संवाद के अनुसार, क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और प्रसव केंद्रों के खिलाफ सीएचसी अधीक्षक डॉ. उमाशंकर नायक ने लाइफ केयर हॉस्पिटल की जांच की,जांच के दौरान संचालक अस्पताल पंजीकरण सहित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया तो सील की कार्रवाई कर दी गई। इसके अलावा एक प्रसव केंद्र को सील किया जहां पर अवैध तरीके से प्रसव कराया जाने का धंधा चल रहा था। वहीं, समउर रोड स्थित राज हॉस्पिटल, मां यशोदा हॉस्पिटल संचालक को नोटिस जारी किया गया है। सुकरौली संवाद के अनुसार, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत वर्मा ने जांच अभियान के तहत श्री हॉस्पिटल, ओम साईं बाबा हॉस्पिटल, आदर्श चिकित्सालय, विनायक हॉस्पिटल व जीवन हॉस्पिटल जायजा लिया,जहां स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी कर अस्पताल चलते हुए मिले,सभी को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इनमें कहीं पर पंजीकृत डाक्टर नहीं मिले तो कहीं गंदगी थी व ओटी मानक के अनुरूप नहीं मिला।
रामकोला संवाद के अनुसार, सोमवार को चिकित्सा प्रभारी डा. एस के विश्वकर्मा ने न्यू सारा सिटी हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर व माइक्रो पैथोलॉजी को नोटिस जारी किया है। जांच में यहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। डा. एस के विश्वकर्मा ने बताया कि इन दोनों संस्थानों का पंजीकरण डॉक्टर जितेंद्र प्रताप सिंह के नाम से मिला है। 18 मार्च तक कागजात प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
फाजिलनगर में प्राइवेट अस्पतालों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।स्रोत-सोशल मीडिया
फाजिलनगर में प्राइवेट अस्पतालों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।स्रोत-सोशल मीडिया
फाजिलनगर में प्राइवेट अस्पतालों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।स्रोत-सोशल मीडिया