कसया। श्रम विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को कसया और पडरौना में जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटल, ढाबों, मोबाइल और ऑटो वर्कशॉप सहित नौ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया जहां नौ किशोर श्रमिक काम करते हुए मिले।
अभियान के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत निरीक्षण टिप्पणी जारी करते हुए विधिक कार्रवाई की गई। साथ ही उन्हें बाल श्रम न कराने की सख्त हिदायत दी गई। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने प्रतिष्ठान संचालकों को बताया कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है। बाल श्रम कराते पाए जाने पर छह माह से दो वर्ष तक की कारावास और 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अभियान के दौरान एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के आरक्षी मुकेश और अभिषेक कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।