लोहरौली। मेंहदावल के एक निजी अस्पताल में प्रसूता का ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने प्रसूता का समय से पहले ऑपरेशन करने का आरोप लगाया है। प्रसूता के परिजनों ने सीओ को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
बेलहर कला निवासी रामप्रकाश राय ने क्षेत्राधिकारी सर्वदमन सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी गर्भवती पत्नी सावित्री राय को अचानक पेट में तेज दर्द होने पर उन्हें वह मेंहदावल स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। आरोप है कि वहां मौजूद महिला चिकित्सक ने प्रसव पीड़ा अधिक होने और सामान्य प्रसव संभव न होने की बात कहते हुए तत्काल ऑपरेशन कराने की सलाह दी। साथ ही यह भी कहा कि देर होने पर अनहोनी हो सकती है।
परिजनों के अनुसार डॉक्टर की बातों से घबराकर उन्होंने ऑपरेशन के लिए सहमति दे दी। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया, लेकिन करीब पांच मिनट बाद डॉक्टर ने बताया कि नवजात की हालत गंभीर है। इसलिए उसे तत्काल आईसीयू की जरूरत है। इसके बाद बच्चे को रेफर कर दिया गया।
परिजन नवजात को पहले खलीलाबाद के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां से उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल भेजा गया। वहां उपचार के दौरान नवजात की मौत हो गई।
पीड़ित राम प्रकाश राय ने आरोप लगाया कि डॉक्टर द्वारा पहले प्रसव की संभावित तिथि पांच अप्रैल बताई गई थी। ऐसे में समय से पहले ऑपरेशन करने और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं न होने के कारण ही उनके बच्चे की जान गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में नवजात की देखभाल और आपातकालीन व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। पीड़ित ने मामले की जांच कर अस्पताल व चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।