- तीन दिन से श्रीपति नगर बाजार में एक निजी डॉक्टर के यहां चल रहा था महिला का इलाज
- तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन, डॉक्टरों ने गोरखपुर रेफर किया
पडरौना। पड़ोसी की पिटाई और पुलिस की कार्रवाई नहीं करने से परेशान विधवा ने कीटनाशक पी लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने श्रीपतनगर बाजार के एक निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर आए। हालत गंभीर बताते हुए डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
हनुमानगंज के नरकहवा गांव की रहने वाली सरिता (35) के पति अनिल की बीमारी से आठ साल पहले मौत हो गई। विधवा मजदूरी कर 10 साल की बेटी नेहा और 8 साल का बेटा अभिषेक को पालती है। पड़ोसी अक्सर विधवा के साथ विवाद करता है। शुक्रवार को पड़ोसी ने रास्ते के विवाद में महिला की पिटाई कर दी। उसका मोबाइल, गले का लाॅकेट और 6 हजार रुपये छीन लिया। कंट्रोल रूम की सूचना पर डायल 112 की पुलिस पहुंची।
आरोप: पुलिस ने सामान दिलाया, नहीं की कोई कार्रवाई
महिला का आरोप है कि पुलिस छीना गया सामान वापस दिलवा दिया और चली गई। शनिवार को सुबह भी पड़ोसी गाली गलौज करने लगा। इससे तंग आकर सरिता ने घर में रखा कीटनाशक पी लिया। बेटी के शोर मचाने पर घर के अन्य सदस्य पहुंचे और उसे श्रीपत नगर बाजार के एक निजी क्लीनिक पर ले गए। हालत गंभीर होने पर परिजन मंगलवार को सुबह महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचेे। दोपहर तक महिला का इलाज इमरजेंसी में चला, लेकिन सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अक्सर पड़ोसी मारपीट करता है। शिकायत के बाद भी पुलिस उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है। हनुमानगंज पुलिस का दावा है कि 112 नंबर की पुलिस मौके पर गई थी। दोनों पक्षों को समझाकर चली आई। हनुमानगंज थाने के इंस्पेक्टर अजय पटेल ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पीआरवी गई होगी तो दोनों पक्ष से बातचीत करा समझौता कराया होगा। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।