राम जानकी मठ में एनएसएस के शिविर में पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी को सम्मानित करते स्वयंस
कसया। नगर के राम जानकी मंदिर मठ में बुद्ध पीजी काॅलेज की ओर से एनएसएस के विशेष शिविर के अंतिम दिन बौद्धिक सत्र के मुख्य अतिथि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फुलबदन कुशवाहा ने बताया कि स्वयंसेवकों का आचरण और अनुशासन शिक्षण संस्था के वातावरण का परिचायक होता है।
भारतीय काल गणना इतनी वैज्ञानिक है कि नववर्ष का स्वागत प्रकृति भी करती है। वसंतोत्सव के माध्यम से प्रकृति नववर्ष का शृंगार करती है। स्वयंसेवकों में छात्राओं की बड़ी संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में हमारी बहनों का योगदान बढ़ता जा रहा है। आप अनुशासित रहें, मेहनती बनें, लक्ष्य को केंद्र में रखकर कार्य करें तो सफलता निश्चित है। विशिष्ट अतिथि डॉ एसके कुशवाहा ने कहा कि ज्ञान चाहिए तो जिज्ञासु बनना पड़ेगा। आपको निरंतर सीखते रहना चाहिए। जिस दिन आप सीखना बंद कर देंगे उस दिन आपका विकास रुक जाएगा। आरएसएस के देवरिया विभाग के बौद्धिक प्रमुख और मुख्य वक्ता सुरेश गुप्त ने बताया कि भारत को मानो, भारत को जानो और भारत को बनाओ यह भाव सभी स्वयंसेवकों को रखना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने बताया कि जीवन में समय का अत्यंत महत्व है। आपकी नियमित दिनचर्या आपको शिखर पर पहुंचा सकती है। आप देश के भविष्य है। इस देश और समाज को संवारने का कार्य हम सभी को ही करना है।