बरवापट्टी। नारायणी नदी का जलस्तर थोड़ा बढ़ते ही अमवाखास तटबंध पर नदी ने कटान शुरू कर दी है। लक्ष्मीपुर गांव के पास किमी 7.8 पर जर्जर ठोकर के कारण नदी ने परोरही के शुभनारायण प्रसाद, भोला यादव और बंशी यादव का खेत काट रही है। इससे अगल-बगल के काश्तकारों में हड़कंप मच गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि तीन परियोजनाओं के लिए धन मिलने के बाद भी 30 प्रतिशत काम पूरा नहीं हुआ। विभाग ने 15 जून तक संवेदनशील प्वाइंट का काम पूरा करने का दावा किया था, लेकिन मौके पर कुछ नहीं हुआ। नाराज ग्रामीण अब बाढ़ विभाग पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।
मानसून की आहट के बीच नारायणी नदी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी होते ही अमवाखास तटबंध के किमी 7.8 लक्ष्मीपुर के पास कटान तेज हो गया है। शुक्रवार की शाम को नदी ने परोरही निवासी शुभनारायण प्रसाद, भोला यादव और बंशी यादव के खेतों को काटना शुरू कर दिया।
खेत कटते देख आसपास के काश्तकारों में दहशत फैल गई है। गांव के लोगों का कहना है कि किमी 7.8 पर बनी ठोकर पूरी तरह जर्जर है।
शासन ने बाढ़ बचाव की तीन परियोजनाओं के लिए बहुत पहले धन अवमुक्त कर दिया था। इसमें ठोकर की मरम्मत भी शामिल थी। विभाग ने भरोसा दिलाया था कि मानसून से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक कुल काम का 30 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो पाया है। मानसून सिर पर है और संवेदनशील पॉइंट अधूरे पड़े हैं। सिंचाई विभाग के अभियंता एमके सिंह ने कहा ऐसी कोई बात नहीं है। जब नदी का जलस्तर थोड़ा बढ़ता है तो ठोकर के पास बैक रोलिंग होती है, जिससे हल्की कटान दिखती है। आज-कल में यानी दो दिन में कटान रोक दी जाएगी। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है।