सीताराम चौराहा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत राजापाकड़ स्थित प्राचीन शिवमंदिर परिसर में नवनिर्मित श्रीराम दरबार मंदिर व श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के लिए आयोजित सप्तदिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ सह प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बुधवार को धार्मिक वैदिक मंत्रो के बीच अनुष्ठान हुआ। इस दौरान मंदिर वेद मंत्रों की गूंज से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
कथावाचक आचार्य अमरनाथ पांडेय ने कहा कि भगवान राम के प्रति हनुमान की अनन्य भक्ति प्रेम का प्रतीक है। नारद मुनि को यह अभिमान था कि वे भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं, लेकिन जब उन्होंने श्रीराम की छोटी पुस्तिका में सबसे ऊपर हनुमान का नाम अंकित देखा, तो उनका अहंकार समाप्त हो गया। भक्त हनुमान का निस्वार्थ समर्पण, सेवा भाव व पूर्ण विश्वास ही उन्हें सर्वोच्च भक्त बनाता है। इसके पहले यज्ञाचार्य पंडित रामजस मिश्र व उपाचार्य पंडित पुरुषोत्तम पांडेय, आशीष त्रिपाठी, सुरेश पांडेय, निरंजन शुक्ल, शिवराज अवस्थी व शुभम पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देव प्रतिमाओं का पुष्पाधिवास, द्रव्याधिवास व घृताधिवास कराया।
इस दौरान शिवशंकर गुप्ता, हरिशंकर कुशवाहा, देवकी यादव, प्रेमचंद यादव, जोखू यादव, रामनाथ यादव, विष्णु सिंह, मृत्युंजय सिंह मोनू, राजू यादव, हर्षित मिश्र, सागर कुशवाहा, नमन मिश्र, गौरव मिश्र, रजनीश मिश्र, अशोक यादव, अनूप गोंड, राजन यादव आदि मौजूद रहे।