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Kushinagar News: आधार और खतौनी में दर्ज नाम नहीं खा रहे मेल...ढाई लाख किसानों को पीएम सम्मान निधि पर संकट

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पडरौना में आधार कार्ड सही कराने के लिए सीएससी पर जुटे लोग। संवाद      
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पडरौना। रियल टाइम खतौनी और आधार में गड़बड़ी की वजह से 2.52 लाख किसान परेशान हैं। लेखपाल की तरफ से वरासत से लेकर रियल टाइम खतौनी बनाने के दौरान बरती गई लापरवाही की वजह से फाॅर्मर रजिस्ट्री करने के लिए अफसरों का प्रयास भी बेकार साबित हो रहा है।
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शासन की तरफ से निर्देश है कि जिन किसानों की फाॅर्मर रजिस्ट्री नहीं होगी उन किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। इससे परेशान किसान खेती का कार्य छोड़कर सीएससी, तहसील और कृषि विभाग के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं।
कुशीनगर में कुल 6,07,370 किसान हैं। इसमें से 2,96,696 लाख किसानों की अभी तक फाॅर्मर रजिस्ट्री बन पाई है। इन किसानों को नियमित रूप से पीएम किसान सम्मान निधि उनके खाते में भेजी जा रही है। जिले में अभी भी 3,10,674 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधिक की धनराशी नहीं मिल रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन किसानों को पीएम सम्मान निधि की धनराशि नहीं मिल रही है। उनमें से जिले के 58194 किसान ऐसे हैं, जिनका सबकुछ सही है, लेकिन वे स्वयं इसके लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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यदि ये किसान कृषि विभाग या सीएससी से संपर्क कर आवेदन करते हैं तो उन्हें इस योजना का लाभ मिलने लगेगा। हालांकि ऐसे किसानों से कृषि विभाग के कर्मचारी संपर्क करने में जुटे हैं, ताकि उनके प्रपत्र में मिली थोड़ी बहुत कमियों को दूर कर उन्हें पीएम सम्मान निधि का लाभ दिया जा सके। जिले में अभी भी 2,52,480 ऐसे किसान हैं जिनके आधार और खतौनी में दर्ज नाम में अंतर मिला है। जिन किसानों के आधार और खतौनी में दर्ज नाम में अंतर हैं उनमें से कई किसान फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज नाम सही कराने के लिए तहसील का दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
इसमें सबसे बड़ी परेशानी नाम में भिन्नता, मेन खतौनी में नाम नहीं दर्ज होने के साथ ही मोबाइल से आधार लिंक न होना भी बड़ी वजह है। ऐसे में किसानों को डर सता रहा है कि उनको पीएम सम्मान निधि की अगली किस्त का लाभ पाना है तो उससे पहले उन्हें हर हाल में फाॅर्मर रजिस्ट्री करानी है। इससे चिंतित किसान अब तहसील कार्यालय का चक्कर लगाकर नाम में भिन्नता सही करने और खतौनी के आदेश में दर्ज नाम को मेन खतौनी में दर्ज के लिए लेखपालों से गुहार लगा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वे लेखपाल को फोन करने के बाद तहसील पहुंच रहे तो वे किसी क्षेत्र में होने की बात कही रहे हैं। कई बार खतौनी में हुई गड़बड़ी को सही करने का आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया जा रहा है। कुछ दिन बीतने के बाद जब किसान वहां लेखपाल से बात करते हैं तो उन्हें फिर वही आश्वासन की मिल रहा है। इसके अलावा जिन किसानों के आधार पर नाम मिस मैच है या उनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है वे किसान चार से पांच दिनों तक सीएससी का चक्कर लगा रहे हैं, फिर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।







फाॅर्मर रजिस्ट्री से लाभ

फाॅर्मर रजिस्ट्री किसान बही का इलेक्ट्रॉनिक फाॅर्म है। इसके बिना पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा। इसके अलावा भविष्य में उनके बीज और उर्वरक भी फॉर्मर रजिस्ट्री में अंकित खेत के आधार पर ही लाभ और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। किसानों को फाॅर्मर रजिस्ट्री कराने के बाद बार-बार केवाईसी नहीं करानी पड़ेगी।
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