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शहर को जलभराव से बचाने के लिए बड़े नालों की सफाई शुरू

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शहर को जलभराव से बचाने के लिए नालों की सफाई शुरू
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नालों की सफाई के लिए मंगाई जा रही मशीन
नगर विस्तार में शामिल हुई हैं 18 ग्राम सभा
पडरौना। बरसात में शहरवासियों को इस बार जलभराव से जूझना न पड़े, इसके लिए नगरपालिका प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बड़े नालों की सफाई का काम शुरू करा दिया गया है। इसके अलावा करीब 27 लाख रुपये की लागत से कोबैटो मशीन मंगाई जा रही है, जिसे आसानी से कहीं भी ले जाकर नालों की सफाई कराई जा सकेगी।
नगरपालिका प्रशासन का दावा है कि मई के अंत तक बड़े नालों की सफाई करा ली जाएगी। इसके बाद निचले इलाकों को छोड़कर अन्य जगह के शहरवासियों को जलभराव से जूझना नहीं पड़ेगा। साथ ही सीवरेज की सफाई भी शुरू कराई गई है।
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पडरौना नगरपालिका जनपद की सबसे पुरानी नगरपालिका है। सबसे पहले यहां सीवरेज प्रणाली लागू हुई थी। आबादी बढ़ती गई, लेकिन उस हिसाब से संसाधन नहीं बढ़े। मौजूदा समय में नगरपालिका क्षेत्र में 25 वार्ड हैं। इसके अलावा सीमा विस्तार के बाद 18 ग्राम सभा और शामिल हुई हैं। शहर का आंबेडकरनगर, तिलकनगर, आवास विकास कॉलोनी, गरुणनगर सहित कई ऐसे वार्ड हैं, जहां के हर साल बरसात में जलभराव की समस्या से लोग जूझते हैं। इसे देखते हुए नगरपालिका प्रशासन की तरफ से बरसात से पहले सीवरेज और बड़े नालों की सफाई शुरू कराई गई है।
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27 लाख की मंगाई जा रही कोबैटो मशीन
पडरौना शहर में सफाई के लिए नई कोबैटो मशीन (पोकलेन) मंगाई जा रही है। इसकी कीमत 27 लाख रुपये है। यह मशीन छोटे आकार की होने के कारण मौके पर ले जाने में सुविधाजनक होगी। जल्द ही यह मशीन उपलब्ध हो जाएगी।
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बरसात से पहले नालों की करा दी जाएगी सफाई : चेयरमैन
पडरौना नगरपालिका के चेयरमैन विनय जायसवाल ने कहा कि बरसात से पहले शहर के नालों की सफाई करा दी जाएगी। सफाई शुरू करा दी गई है। इसके साथ ही शहर के सीवरेज की सफाई भी शुरू कराई गई है। 27 लाख रुपये की लागत से कोबैटो मशीन खरीदी जा रही है, जिसे कहीं भी ले जाना आसान होगा। शहर के निचले इलाकों में बरसात के समय थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन बाकी मोहल्लों में बरसात के दौरान लोगों को जलभराव से नहीं नहीं जूझना पड़ेगा। क्योंकि आंबेडकरगर, हथिसार मोहल्ला, गरुणनगर सहित कई मोहल्ले ऐसे हैं, जो बरसात के दिन में जलमग्न हो जाते हैं। इस बार कोशिश है कि मई के अंत तक सभी नालों की सफाई करा दी जाए, ताकि बरसात में जलभराव की समस्या न होने पाए।
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