पडरौना/पटहेरवा। क्षेत्र के रजवटिया ग्रामसभा में हाईवे किनारे 72 एकड़ में प्रस्तावित बहुउद्देशीय हब स्वीकृत हुए करीब तीन वर्ष बीत गए, लेकिन अब तक एक भी ईंट नहीं जा सकी है।
प्रशासनिक प्रक्रिया की सुस्त चाल और लेटलतीफी से इसके धरातल पर उतरने का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। लोगों का कहना है कि अब तक केवल सर्वे, निरीक्षण, भूमि का चिह्नांकन और भूमि का अधिग्रहण जैसे विभागीय कार्य पूरे हो चुके हैं। संभव है कि नए वित्त वर्ष में बहुउद्देशीय हब निर्माण की गति बढ़ेगी और परियोजना धरातल पर दिखने लगेगी।
क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर और विकास के नए आयाम स्थापित करने के उद्देश्य से यूपी-बिहार सीमा के नजदीक वर्ष 2023 में तमकुहीराज के रजवटिया में शासन की तरफ से बहुउद्देश्यीय हब का निर्माण प्रस्तावित हुआ था। हाईवे के किनारे होने के चलते और कुल प्रस्तावित 72 एकड़ भूमि में करीब 25 एकड़ से भी अधिक भूमि सरकारी थी। किसानों से करीब 45 एकड़ भूमि ही अधिग्रहण की जानी थी। प्रथम चरण में किसानों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें करीब दो वर्ष का समय लग गया।
तहसील प्रशासन की तरफ से लेआउट रिपोर्ट भी भेज दी गई। मौके का जिलाधिकारी सहित लखनऊ से आवास विकास विभाग के अधिकारी भी निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए। आवास विकास विभाग और लोक निर्माण विभाग की तरफ से मिले निर्देश पर बहुउद्देश्यीय हब का संशोधित नक्शा और लेआउट भी पिछले वर्ष तहसील प्रशासन ने जारी कर दिया था।
इस बहुउद्देशीय हब में करीब पांच एकड़ भूमि पर मुख्यमंत्री अभ्युदय माॅडल स्कूल का निर्माण होगा। इसको लेकर राजस्व और लोक निर्माण विभाग की टीम कई बार भूमि की पैमाइश भी की थी। इसके बाद सबकुछ शांत हो गया और कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। बहुउद्देश्यीय हब बनने से विकास के नए आयाम स्थापित होने की बात तो दूर, चिह्नित जमीन की बाउंड्री भी नहीं हो सकी है। क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को पंख देने वाले इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं।
बहुउद्देशीय हब में मिलेंगी सुविधाएं : बहुउद्देशीय हब में कई विभाग की की तरफ से कार्य कराया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मल्टी स्पेशलिटी एवं ट्रामा सेंटर व आवास, कृषि विभाग से मल्टीपरपज सीड स्टोर की स्थापना, पुलिस चौकी, विद्युत स्टेशन, पर्यटन विभाग से होटल, ऑडिटोरियम, लोक निर्माण विभाग की तरफ से फूट ओवरब्रिज, सड़क इंटर्नल फोर लेन सड़क, केंदीय विद्यालय की तर्ज पर राजकीय विद्यालय समेत अन्य योजनाएं प्रस्तावित है।