लक्ष्मीगंज मेंं मरीज का इलाज करते डाॅ. संतोष। संवाद
उजारनाथ/ लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के करमैनी और लक्ष्मीगंज स्थित पीएचसी परिसर में रविवार को आयोजित सीएम जनआरोग्य मेला में वायरल बुखार के अलावा सर्वाधिक मरीज चर्म रोग से पीड़ित पहुंचे। डॉक्टर उन्हें दवा के साथ बचाव के उपाए बताए। डॉक्टरों का कहना था कि मौसम में हुए बदलाव के चलते वायरल बुखार के अलावा चर्म रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करमैनी में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में मरीजों का इलाज करते हुए डॉ. संजय कुमार ने कहा कि आरोग्य मेला में त्वचा, सर्दी व वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की सख्या अधिक है। मौसम में हो रहे परिवर्तन से इस तरह की दिक्कतें मिल रही हैं। मौसम में कभी नमी और कभी रूखापन के साथ भोजन में अनियमितता चर्म रोग बढ़ा रहा है। चर्म रोग से पीड़ित अधिकांश लोगों को दाद, खाद और सफेद रोग से पीड़ित बना रहा है। उन्होंने कहा कि इस बदलते मौसम में खास कर वायरल बुखार, श्वास, हृदय व रक्तताप के रोगियों के अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के आयोजन से मरीजों की सख्या में वृद्धि हो रही है। गांव के लोग भी स्वास्थ के प्रति सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि चर्म रोग, खासी, वायरल बुखार व पेटदर्द सहित विभिन्न रोगों का इलाज व परीक्षण किया। दिन के तीन बजे तक इस तरह के कुल 23 मरीजों का पंजीकरण हुआ है। उन्हें निशुल्क दवा देने के साथ इन बीमारियों से बचाव के उपाए बताए गए हैं।
लक्ष्मीगंज स्थित न्यू पीएचसी में रविवार को कुल 120 मरीजों का पंजीकण हुआ। इसमें से चर्मरोग के 20 मरीज थे। इसके अलावा सभागार में क्षयरोग का कैम्प लगा था। 80 लोगों की क्षयरोग की जांच की गई, जिसमें जांच के बाद पांच मरीज क्षयरोग के पांए गए। चिकित्साप्रभारी डाॅ. संतोष कुमार नायक ने बताया कि टीवी के पांच मरीजों को दवा दी गई। लैब टेक्निशियन तृप्ति ने बताया कि मधुमेह के 15, ब्लडप्रेशर के 23 और बुखार से पीड़ित 15 मरीजों की जांच की गई। डाॅ. संतोष ने बताया कि चर्मरोग में फंगल स्किन इन्फेक्शन के अधिक रोगी आए थे। उन्होंने बताया कि यह त्वचा, बाल और नाखून में होने वाला संक्रमण है, जो मुख्यतः फंगस (कवक) की वजह से होता है। यह अधिकतर गर्म और नमी वाले मौसम में फैलता है।